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पद्म पुरस्कार 2026 पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने सामने

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2026 में घोषित पद्म पुरस्कारों (Padma Awards 2026) पर सत्ता पक्ष (भाजपा) और विपक्ष के बीच स्पष्ट वैचारिक और राजनीतिक मतभेद सामने आए हैं। सत्ता पक्ष ने इन्हें “अनसुने नायकों” का सम्मान बताया है, वहीं विपक्ष ने इन्हें चुनावी राज्यों को साधने की सोची-समझी रणनीति बताया है।
आरक्षण के मामले में सत्ता पक्ष (बीजेपी) की राय यह है कि इस बार का पद्म पुरस्कार “योग्यता-आधारित” हैं और उन्होंने समाज के उन गुमनाम नायकों (unsung heroes) को मान्यता दी है जो सुर्ख़ियों से दूर काम कर रहे हैं।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मोदी सरकार ने पद्म पुरस्कारों का लोकतांत्रीकरण किया है, जिसमें राजनीतिक संबद्धता से ऊपर उठकर सम्मान दिया जा रहा है।
पूर्व केरल सीएम वी.एस. अच्युतानंदन और JMM संस्थापक शिबू सोरेन (विपक्षी विचारधारा के बावजूद) को मरणोपरांत पुरस्कार देना, भाजपा के समर्थकों ने इसे “राष्ट्र की सेवा” को राजनीतिक मतभेदों से ऊपर रखने के रूप में पेश किया है।

कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने आरोप लगाया कि पुरस्कारों की सूची रणनीतिक रूप से उन राज्यों (केरल, तमिलनाडु) को प्रभावित करने के लिए बनाई गई है, जहां चुनाव होने वाले हैं।
विपक्ष ने दावा किया कि 37% से अधिक पुरस्कार उन राज्यों को दिए गए हैं जहां चुनाव होने हैं, जो कुल आबादी का केवल 18% हैं, यह एक राजनीतिक उपकरण के रूप में देखा जा रहा है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने शिबू सोरेन को पद्म भूषण दिए जाने का स्वागत तो किया, लेकिन यह भी कहा कि उन्हें इससे बड़ा सम्मान (भारत रत्न) मिलना चाहिए था।
महाराष्ट्र में पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को पद्म भूषण देने पर कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) ने कड़ी आपत्ति जताई है, इसे राज्य के लोगों और आइकन का अपमान बताया।
2026 पुरस्कारों के मुख्य राजनीतिक बिंदु निम्नलिखित है:-
केरल और तमिलनाडु पर फोकस: 77वें गणतंत्र दिवस पर घोषित पुरस्कारों में केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे चुनाव-बाधित राज्यों से 38 विजेताओं को जगह दी गई।
विचारधारा के पार: कांग्रेस के पूर्व केरल सीएम वी.एस. अच्युतानंदन (मरणोपरांत) और JMM संस्थापक शिबू सोरेन (मरणोपरांत) को पद्म विभूषण/भूषण देने को बीजेपी द्वारा विपक्ष को साधने के तौर पर देखा जा रहा है।
131 पुरस्कार: राष्ट्रपति ने कुल 131 पद्म पुरस्कारों को मंजूरी दी, जिसमें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री शामिल हैं।

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