बीरेंद्र कुमार झा
प्रवर्तन निदेशालय (ED )ने दिल्ली हाई कोर्ट से मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 2019 से जारी रॉबर्ट वाड्रा की अग्रिम जमानत को इस आधार पर रद्द करने का अनुरोध किया है कि उन्होंने इससे जुड़ी कानूनी शर्तों का उल्लंघन किया है।न्यायमूर्ति सुधीर कुमार जैन ने ईडी को एक हलफनामा दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है। इसमें कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा द्वारा कथित उल्लंघन का विवरण शामिल है।
जांच में सहयोग नहीं कर रहा है गांधी परिवार का दामाद: ईडी
मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू होने के तुरंत बाद एक ट्रायल कोर्ट ने रॉबर्ट वाड्रा को अग्रिम जमानत दे दी थी। एजेंसी के वकील ने हाई कोर्ट के समक्ष दलील दी है कि मामले में धन का लेनदेन कथित तौर पर उन तक पहुंच रहा है ।वाड्रा से हिरासत में पूछताछ करने की जरूरत है। ईडी ने यह भी कहा कि गांधी परिवार के दामाद जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। रॉबर्ट वाड्रा लंदन में एक संपत्ति की खरीद से जुड़े मनी लांड्रिंग के आरोपों का सामना कर रहे हैं।इसकी अनुमानित कीमत 1.9 मिलियन पाउंड (17 करोड रुपए) है । यह मामला धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के तहत दर्ज किया गया है।
ईडी के पास नहीं है कोई साक्ष्य
इसके विरोध में वाड्रा के वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल को जब भी बुलाया गया,वह ईडी के सामने पेश हुए ।उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी द्वारा सबूत के साथ छेड़छाड़ करने का कोई जोखिम नहीं है,क्योंकि जांच एजेंसी ने मामले से संबंधित हर दस्तावेज पहले ही जप्त कर लिया है।उनके वकील ने कहा कि ईडी लगातार ‘ मछली पकड़ने और तलाशनेकी जांच’ कर रही है।उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों का समर्थन करने के लिए ईडी के पास साक्ष्य नहीं है।
