बिहार महागठबंधन में दरार,बीजेपी में जयकार

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अखिलेश अखिल
यह बात और है कि बिहार में जदयू और राजद ,कांग्रेस की सरकार को अभी कोई परेशानी नहीं है। यह भी संभव है कि आने वाले दिनों में राजद के भीतर तेजस्वी को मुख्यमंत्री बनाने की बात भी कमजोर हो जाए। यह भी संभव है कि राजद नेता सुधाकर सिंह फिर से मंत्रिमंडल में शामिल हो जाए लेकिन सबसे बड़ी बात तो यह है कि महागठबंधन के भीतर ही सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। जिस महागठबंधन की तैयारी बीजेपी के खिलाफ की गई थी अब उसी महागठबंधन पर बीजेपी की निगाह है और खबर है कि इसमें शामिल कई दल अब बीजेपी के साथ जाने को तैयार है। कह सकते हैं कि पिछले कई महीनों से बीजेपी जो स्क्रिप्ट तैयार कर रही थी अब बीजेपी को उसमे सफलता मिलती दिख रही है। उपेंद्र कुशवाहा का जदयू से निकलने की कहानी को आप उसी रूप में देख सकते हैं।

सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक़ बीजेपी की रची कहानी को ही कुशवाहा ने अंजाम दिया है। वे अब बीजेपी के साथ जायेंगे और बीजेपी की राजनीति को आगे बढ़ाने में मददगार भी साबित होंगे। वे बहुत जल्द ही एनडीए का हिंसा बनेंगे इसकी जानकारी मिल भी रही है। लेकिन मामला केवल कुशवाहा तक का ही नहीं है। हम पार्टी और मुकेश साहनी की पार्टी भी एनडीए का हिस्सा बनेंगे और इसकी तैयारी भी शुरू हो गई है। इधर भले ही जदयू के भीतर रुदाली चल रही हो लेकिन बीजेपी के भीतर जयकारे लगाए जा रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक़ बीजेपी के साथ लम्बे समय से उपेंद्र कुशवाहा की बात चल रही थी। मकसद केवल इतना भर था की चाहे जैसे भी नीतीश कुमार को सबक सिखाना है। बीजेपी को उपेंद्र कुशवाहा की महत्वाकांक्षा की जानकारी थी और वह दिल्ली से लेकर पटना तक कुशवाहा को मनाती रही और फिर इस खेल को अंजाम दिया गया। खबर तो यह भी है कि पार्टी बनाने की सलाह भी बीजेपी ने ही दी थी ताकि पार्टी के नाम पर कई नेता कुशवाहा के साथ जुड़ेंगे और इसका जातीय लाभ बीजेपी को मिलेगा। सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक़ बीजेपी संभवतः कुशवाहा की पार्टी को फंडिंग भी करेगी और इसके साथ ही अगले चुनाव में उसे दो या तीन सीट भी मुहैया करेगी।

यही हाल माझी की पार्टी की भी है। जानकारी के मुताबिक़ माझी भी बहुत जल्द ही बीजेपी की सहयोगी बनने वाले हैं। खबर ये भी है कि वीआईपी पार्टी चलाने वाले मुकेश साहनी भी जल्द ही बीजेपी में जाने को तैयार है। बीजेपी की कोशिश चिराग ,माझी और मुकेश को साथ लेकर जातीय गणित को मजबूत करना है और एक मजबूत एनडीए बनाकर नीतीश और राजद की राजनीति को कुंद करना है। जानकारी ये भी है कि ये भी मिल रही है कि दो -दो सीटें हम और वीआईपी को दी जाएगी और चिराग को पांच सीटें मिलेगी।

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