गणतंत्र दिवस परेड: उत्तराखंड की झांकी को मिला पहला पुरस्कार, पंजाब रेजीमेंट सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग टुकड़ी

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न्यूज डेस्क
गणतंत्र दिवस की परेड में कर्तव्य पथ पर शामिल उत्तराखंड की मानसखंड झांकी को पहला पुरस्कार मिला है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह उत्तराखंड के लिए बड़ी गौरव की बात है। नई दिल्ली में कर्तव्य पथ पर 26 जनवरी को इस बार मानसखंड की झांकी का चयन हुआ था। देश के विभिन्न राज्यों की झांकियां इसमें शामिल हुई थी। सीएम धामी के सुझाव के बाद झांकी के लिए प्रसिद्ध पौराणिक जागेश्वर धाम के अलावा इसमें कॉर्बेट नेशनल पार्क, बारहसिंगा, राज्य पशु कस्तूरी मृग, राष्ट्रीय पक्षी मोर आदि पक्षियों के साथ ही ऐपण कला को प्रदर्शित किया गया था। यहां 125 बड़े, छोटे प्राचीन मंदिर हैं और सबसे पीछे देवदार के पेड़ दिखाए गए थे।

सोमवार को केंद्र सरकार ने झांकियों के पुरस्कार का ऐलान किया, जिसमें उत्तराखंड की झांकी पहले स्थान पर रही। टीम लीडर और संयुक्त निदेशक सूचना केएस चौहान के नेतृत्व में झांकी में उत्तराखंड की कला और संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए छोलिया नृत्य करने में पिथौरागढ़ के भीम राम के दल के 16 कलाकारों का उत्कृष्ट प्रदर्शन रहा। राज्य गठन से अभी तक गणतंत्र दिवस परेड में 14 झांकियों का प्रदर्शन राज्यपथ पर हो चुका है।

पंजाब रेजीमेंट को तीनों सेवाओं में सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग टुकड़ी का पुरस्कार मिला। सीएपीएफ और अन्य सहायक बलों के बीच सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दल का पुरस्कार सीआरपीएफ के मार्चिंग दस्ते को मिला।

राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की सर्वश्रेष्ठ तीन झांकियां क्रमश: उत्तराखंड (मानसखंड), महाराष्ट्र (साडे तिन शक्तिपीठ और नारी शक्ति) और उत्तर प्रदेश (अयोध्या दीपोत्सव) से थीं। जनजातीय मामलों के मंत्रालय (एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, ईएमआरएस) की झांकी को मंत्रालयों और विभागों में सर्वश्रेष्ठ नामित किया गया। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के ‘जैव विविधता संरक्षण और वंदे भारतम’ नृत्य समूह को विशेष पुरस्कार दिया गया।

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