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राजस्थान में अशोक गहलोत के अहंकार से हारी कांग्रेस पार्टी, गहलोत और सचिन पायलट की लड़ाई में डूब गई कांग्रेस की नैया

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विकास कुमार
राजस्थान में तीन दशक से हर 5 साल के बाद सत्ता परिवर्तन का रिवाज इस बार भी कायम रहा है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के तमाम दावों के बावजूद सत्ता के सिंहासन से उनकी विदाई हो गई। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक बीजेपी ने एक सौ 15 सीट पर जीत हासिल किया है। वहीं कांग्रेस को महज 69 सीटों पर संतोष करना पड़ा है। अब इस बात की चर्चा हो रही है कि आखिर किन वजहों से कांग्रेस को राजस्थान में हार का सामना करना पड़ा।

राजस्थान में कांग्रेस की बड़ी हार हुई है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के तमाम लोक लुभावन वादों को दरकिनार करते हुए जनता ने बीजेपी को गद्दी पर बिठा दिया है। दरअसल पार्टी के नेताओं के बीच आपस में सिर फुटव्वल भी कांग्रेस के हार का कारण बनी। राजस्थान में कांग्रेस की हार की एक बड़ी वजह पार्टी की आपसी कलह रही। कई नेता नाराज हुए, लेकिन गहलोत ने उन्हें सही तरीके से हैंडल नहीं किया। पार्टी के अंदर गुटबाजी और कई बागी नेताओं ने पार्टी का खेल बिगाड़ा। यहां तक कि कई नेताओं ने निर्दलीय चुनाव लड़ा तो कुछ को बीजेपी ने अपने पाले में कर लिया।

सचिन पायलट और अशोक गहलोत की लड़ाई तो पूरे देश में चर्चा का मुद्दा बन चुका है। दोनों नेता काम छोड़कर आपसी लड़ाई पर ज्यादा फोकस करते दिखे। सरकार बनते ही दोनों दिग्गजों के बीच खींचतान शुरू हो गई। राहुल गांधी ने दोनों नेताओं को एक साथ मंच पर लाकर ये संदेश देने की कोशिश की कि पार्टी में सबकुछ ठीक है,लेकिन फिर भी दोनों के दिल नहीं मिले।

राजस्थान में कांग्रेस की हार की वजह सीएम अशोक गहलोत का अहंकार भी रहा। उनका अति आत्मविश्वास और अहंकार उन्हें ले डूबा। गहलोत के साथियों ने उनपर अहंकारी होने का आरोप लगाया। कई बार मीडिया के सामने आकर गहलोत ने सचिन पायलट को निकम्मा और गद्दार तक कह दिया। वहीं अशोक गहलोत ने उन विधायकों के टिकट नहीं काटे जिनके खिलाफ लोगों में भारी गुस्सा था। यही वजह थी कि कांग्रेस के कई विधायक चुनाव हार गए।

राजस्थान के चुनाव में लॉ एंड ऑर्डर भी अहम मुद्दा रहा। महिलाओं के खिलाफ अपराध की कई घटनाएं सामने आई। राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं का पेपर लीक मामला गहलोत सरकार पर भारी पड़ा। बीजेपी ने चुनाव के दौरान इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस को खूब घेरा। पेपर लीक को लेकर गहलोत को युवाओं के गुस्से का शिकार होना पड़ा। पिछले पांच साल के गहलोत कार्यकाल में कई परीक्षाओं के पेपर लीक के मामले सामने आए। ये मुद्दा गहलोत सरकार के लिए भारी पड़ा,इन मुद्दों के बोझ के तले राजस्थान में कांग्रेस की सत्ता की वापसी की उम्मीदों ने दम तोड़ दिया।

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