नई दिल्ली: वर्ष 2023 को अंतराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष के रूप में मनाने की तैयारी के रूप में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य नेताओं ने संसद भवन में दोपहर का भोजन किया। प्रधानमंत्री ने ट्वीटर पर कहा कि दोपहर भोज में विभिन्न राजनीतिक दलों की भागीदारी देखकर प्रसन्नता हुई। आमतौर पर गरीबों की थाली का भोजन कहे जाने वाले ज्वार, बाजरा,रागी और सवां जैसे मोटे अनाजों के दिन बहुरने लगे हैं। मंगलवार को देश की सबसे बड़ी पंचायत यानी संसद में कृषि मंत्रालय की मेजबानी में विशेष मिलेट्स लंच का आयोजन किया गया।
सभी दलों के सांसदों ने चखा मोटे अनाज से बने व्यंजनों का स्वाद
इस दौरान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,लाकसभा अध्यक्ष ओम बिरला समेत सभी दलों के सांसदों ने मोटे अनाजों के लजीज व्यंजनों का स्वाद लिया। 2023 को अंतराष्ट्रीय मिलेट्स पौषक अनाज वर्ष के रूप में मनाने की घोषणा हुई है। इसी के स्वागत के लिए यह आयोजन किया गया।
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, “जैसा कि हम 2023 को बाजरा के अंतर्राष्ट्रीय वर्ष के रूप में चिह्नित करने की तैयारी कर रहे हैं, हम संसद में एक शानदार दोपहर के भोजन में शामिल हुए जहां बाजरे के व्यंजन परोसे गए। पार्टी लाइनों से भागीदारी देखकर अच्छा लगा।” pic.twitter.com/fsCdjaO49x
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 20, 2022
पीएम मोदी मोटे अनाज को दिलाना चाहते हैं सम्मानजनक स्थान
कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री भोजन की थाली में इन पोषक अनाज को पुन: सम्मानजनक स्थान दिलाना चाहते हैं,इसका सीधा लाभ मिलेट्स की खेती करने वाले छोटे किसानों को मिलेगा। स्वागत के इस अनूठे तरीकी जमकर तरीफ हो रही है। पीएम मोदी ने भी ट्वीट कर लंच में सभी पार्टियों के लोगों के भाग लेने की सराहना की।
पीएम मोदी ने सांसदों से मोटे अनाज के उपयोग को बढ़ाने की अपील की
संसद में संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने पार्टी के सभी सांसदों से लोगों के बीच मोट अनाज को लोकप्रिय बनाने और उनके उपयोग को बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य की दृष्टि से ये उच्च गुणवत्ता और पोषकतत्वों से भरपूर अनाज हैं। संसदीय कार्यमंत्री प्रहलाद जोशी ने बताया कि मोदी ने कहा कि जी—20 की विभिन्न बैठकों में आने वाले अतिथियों के भोज में कम से कम एक व्यंजन मोटे अनाज का होना चाहिए। आंगनबाडी,स्कूलों के साथ अन्य सरकारी बैठकों में के मैन्यू में भी इन अनाजों को शामिल किया जाना चाहिए। पीएम मोदी ने इसे एक जन आंदोलन बनाने की भी अपील की।

