बीरेंद्र कुमार झा
पंचायत चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल में सियासी सरगर्मी तेजी से बढ़ रही है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बुधवार को रेड रोड पर डॉक्टर बी आर अंबेडकर के प्रतिमा के समक्ष तृणमूल कांग्रेस के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के साथ रात भर धरने पर बैठी रही। पश्चिम बंगाल के प्रति केंद्र सरकार की कथित भेदभाव पूर्ण रवैया के विरोध में वह कोलकाता में दो दिवसीय धरने पर बैठी हैं। इनके साथ फरहाद हकीम और अरूप विश्वास सहित पार्टी के कई नेता भी धरने में शामिल हुए है।
वाशिंग मशीन का डेमो देकर केंद्र सरकार को लगाई लताड़
पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर से राज्य का राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है।ममता बनर्जी ने एक बार फिर से केंद्र सरकार की ओर से विपक्ष के नेताओं के खिलाफ जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का मुद्दा उठाया।
अपनी बात को दमदार तरीके से रखने के लिए ममता बनर्जी एक वाशिंग मशीन को लेकर मंच पर आई थीं।ममता ने इस वाशिंग मशीन को बीजेपी वाशिंग मशीन का नाम दिया था। इस मशीन से पश्चिम बंगाल की सीएम ने लाइव डेमो किया और दिखाया कि कैसे इस मशीन में जाते ही काले कपड़े सफेद हो जाते हैं।
इसके बाद ममता ने कहा कि विपक्ष के नेताओं को केंद्रीय एजेंसियां लगातार परेशान करती हैं, लेकिन जैसे ही यही विपक्ष के नेता बीजेपी में शामिल होते हैं वे मेमने की तरह मासूम और निर्दोष हो जाते हैं।
लोकसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों से की अपील
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने रुख में बदलाव करते हुए सभी राजनीतिक दलों से अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में एकजुट होकर भारतीय जनता पार्टी से लड़ने का आग्रह किया है। इससे पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कांग्रेस एवं बीजेपी दोनों से समान दूरी बनाए रखने का फैसला किया था , लेकिन बुधवार को उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में एकजुट होकर भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ लड़ना चाहिए।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
हाई प्रोफाइल नेताओं की मौजूदगी और उन्हें होने वाले खतरा की आशंका को ध्यान में रखते हुए धरना स्थल और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MNREGA) और आवासी एवं सड़क विभाग की योजनाओं के तहत केंद्र सरकार द्वारा कथित रूप से निधि जारी नहीं किए जाने के खिलाफ धरना शुरू किया है। यह धरना गुरुवार को शाम तक जारी रहेगा।
पंचायत चुनाव से पहले बढ़ी सियासी सरगर्मी
पंचायत चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल में सियासी गहमागहमी बढ़ गई हैं। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने से मंगलवार को इनकार करते हुए कहा था कि 2023 के स्थानीय निकाय चुनाव में सीट आरक्षण मांग को लेकर याचिकाकर्ता शुभेंदु अधिकारी की दलील में दम है। अदालत के इस फैसले के साथ पंचायत चुनाव को हरी झंडी मिल गई है।

