- बीरेंद्र कुमार झा
राबड़ी देवी ने अपने 10, सर्कुलर रोड स्थित आवास पर इफ्तार पार्टी का आयोजन किया। आरजेडी की इफ्तार पार्टी में नीतीश के अलावा पूर्व सीएम जीतन राम मांझी, जाप सुप्रीमो पप्पू यादव, जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह शामिल थे। दिलचस्प बात यह है कि शुक्रवार को नीतीश कुमार के इफ्तार में शामिल नहीं हुए लोक जनशक्ति पार्टी (आर) प्रमुख चिराग पासवान भी राबड़ी देवी की इफ्तार पार्टी में शामिल हुए और नीतीश कुमार से मिलने पर चिराग ने उनके पैर भी छुए।

राबड़ी आवास में आयोजित इस इफ्तार पार्टी में तेजस्वी यादव भूरे रंग का “पठानी कुर्ता पजामा” पहनकर आगंतुक सभी मेहमानों का स्वागत कर रहे थे।
सासाराम और बिहार शरीफ में हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले मुस्लिम वोट बैंक को लुभाने के लिए महागठबंधन के नेताओं द्वारा इफ्तार पार्टियों की झड़ी लगा दी गई है।
जेडीयू एमएलसी ने किया था आयोजन
सांप्रदायिक हिंसा भड़कने के बाद पहली राजनीतिक इफ्तार पार्टी का आयोजन जनता दल यूनाइटेड एमएलसी खालिद अनवर ने किया था,जिसमें लालकिला की तस्वीर नीतिश कुमार के बैकग्राउंड में होने को लेकर उनके प्रधान मंत्री बनने का ख्वाब देखने को लेकर राजनीति गरमा गई थी।खालिद अनवर की इस इफ्तार पार्टी में नीतीश कुमार ने भी सिर्फ शिरकत किया था और इससे इफ्तार पार्टी ने काफी सुर्खियां बटोरी थी। खासकर इस कार्यक्रम में मंच पर जिस तरीके से लाल किला बनाया गया था, उसकी वजह से भी सोशल मीडिया पर इसकी काफी चर्चा हुई थी।
मुख्यमंत्री नीतीश ने दी थी इफ्तार पार्टी
इसके बाद, शुक्रवार को खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने आधिकारिक आवास 1, अणे मार्ग आवास पर भव्य इफ्तार पार्टी का आयोजन किया, जिसमें मुस्लिम समुदाय के हजारों लोगों ने भाग लिया। इस इफ्तार पार्टी में तेजस्वी और महागठबंधन के अन्य नेता भी शामिल हुए थे, लेकिन बीजेपी ने इसका बहिष्कार किया था। शनिवार को जनता दल यूनाइटेड के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ ने हज भवन में एक और इफ्तार पार्टी का आयोजन किया, जिसमें नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव ने भाग लिया था
बीजेपी का बहिष्कार
महागठबंधन की सरकार में शामिल विभिन्न राजनीतिक दल 2024 की लोकसभा चुनाव को देखते हुए इस समय काफी गर्मजोशी से इफ्तार पार्टी का आयोजन कर रहे हैं, ताकि 2024 के लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिए मुस्लिम वोट का ध्रुवीकरण अपने पार्टी के पक्ष में किया जा सके। वहीं बीजेपी भी 2024 ईसवी में होने वाले लोक सभा और कई राज्यों के विधान सभा चुनाव को लेकर गैर मुस्लिम बहुसंख्यक मतदाताओं को अपने पक्ष में गोलबंद करने के प्रयास में जुट गई है। इसके तहत यह महागठबंधन के घटक दलों द्वारा आयोजित इफ्तार पार्टी में निमंत्रित होने के बावजूद बीजेपी के नेता इसमें शामिल नहीं हो रही है और यह तर्क दे रही है कि अभी राज्य में नालंदा और सासाराम में हुई सांप्रदायिक हिंसा की आग ढंग से बुझी भी नहीं है। ऐसे में इफ्तार पार्टी में जाने से समाज में गलत संदेश जाएगा।

