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मुफ्त की रेवड़ियां वाली राजनीति

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लोक कल्याणकारी राज्य होने के कारण गरीबी उन्मूलन हमारे देश की सरकारों का एक प्रमुख कर्तव्य है और यह राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों में समाहित है।लेकिन मुफ्त की रेवड़ियां इससे अलग होती है और वह देश में निठल्लेपन को बढ़ावा देती है।लेकिन इस समय देश की ज्यादातर राजनीतिक दल के नेताओं को लोगों के निठल्ले हो जाने और भारत की श्रम शक्ति के बुरी तरह से प्रभावित होने की संभावनाओं को लेकर कोई चिंता की बात नहीं है।इन्हें तो बस एक ही चिंता है कि ये सत्ता पर किसी प्रकार से काबिज हो जाएं।

अपनी इस चिंता को दूर करने के लिए दिल्ली चुनाव में सबसे तेजी से आम आदमी पार्टी जुट गया है। दिल्ली के चुनाव में मतदान फरवरी महीने में होने हैं,लेकिन अरविंद केजरीवाल अभी से ही अपने इस अभियान में लग गए हैं। दिल्ली के लिए 11 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा करने के अगले ही दिन अरविंद केजरीवाल ने मुफ्त की रेवड़ी वाले मुद्दे को भी गरमाना शुरू कर दिया।

दिल्ली वासियों के लिए फ्री बिजली, फ्री पानी देने जैसे मुफ्त की योजना चलाकर अरविंद केजरीवाल तीन बार दिल्ली का मुख्यमंत्री बन चुके हैं। ऐसे में एक बार फिर से उन्होंने इसी मुफ्त की रेवड़ी बांटने वाली योजनाओं के भरोसे फरवरी में होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने की योजना बनाई है।गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल के बाद अब सभी राजनीतिक दलों में मुफ्त की रेवड़ियां बांटने की होड़ लग गई है।

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने फरवरी में होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार को रेवड़ी पर चर्चा अभियान शुरू कर राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। अभियान के तहत आप दिल्ली भर में अरविंद केजरीवाल द्वारा दी जा रहीं मुफ्त की छह रेवड़ियों पर चर्चा करेंगे। जिसके तहत 24 घंटे बिजली, मुफ्त बिजली व पानी, शानदार शिक्षा, सरकारी अस्पतालों में शानदार इलाज, महिलाओं को बस यात्रा और बुजुर्गों को तीर्थयात्रा पर चर्चा की जाएगी। आप लोगों को यह भी बताएगी कि अगर लोगों ने बीजेपी को वोट दिया तो ये छह रेवड़ियां बंद हो जाएंगी।

इस दौरान केजरीवाल ने मुफ्त की छह रेवड़ियों का पोस्टर भी जारी किया, जिसमें उनका विस्तार से जिक्र है। यह अभियान 25 नवंबर से 10 दिसंबर तक चलेगा। केजरीवाल ने कहा कि जनता का पैसा है तो उस पर पहला हक भी जनता का ही है। अब बहुत जल्द सातवीं रेवड़ी भी आने वाली है, जिसमे हर महिला के खाते में हर महीने हजार-हजार रुपये डालने की शुरुआत की जाएगी।

अपने अभियान की घाेषणा करते हुए केजरीवाल ने कहा कि पार्टी के जिला और बूथ स्तर के पदाधिकारी मतदाताओं तक पहुंचेंगे और आप सरकार द्वारा दी जाने वाली मुफ्त सुविधाओं (रेवड़ी) के बारे में पर्चे बांटेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे कार्यकर्ता दिल्ली भर में 65,000 बैठकें करेंगे ताकि लोगों को यह समझाया जा सके कि इन मुफ्त सुविधाओं का क्या मतलब है और केवल आम आदमी पार्टी ही इसे दे सकती है। केजरीवाल ने उम्मीद जताई है कि पिछली बार जितनी यानि 62 सीटें उन्हें इस बार भी मिल जाएंगी।

केजरीवाल ने कहा कि बीजेपी 20 राज्यों में सत्ता में है और एक भी राज्य में वे इन मुफ्त रेवड़ियों में से कोई भी प्रदान नहीं करते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि उनके पास इरादा नहीं है ; केवल आम आदमी पार्टी ही इसे जानती है कि इन सुविधाओं को कैसे दिया जाए। उन्होंने कहा कि जब बीजेपी वाले यह कहें कि हम भी उन्हें फ्री में बिजली पानी देंगे, तो जनता उनसे जरूर पूछे कि 20 राज्यों में उनकी सरकार है , इनमें से किस राज्य में उन्होंने बिजली पानी फ्री किया है। उन्होंने कहा कि आप कार्यकर्ता मतदाताओं से पूछेंगे कि बीजेपी ने पिछले 10 वर्षों में दिल्ली के लिए क्या किया है, क्योंकि राष्ट्रीय राजधानी एक आधा राज्य है और केंद्र सरकार के पास उतनी ही शक्तियां हैं जितनी हमारे पास हैं।

वहीं आप नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि जिस समय अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री थे, उनके ऊपर बहुत दबाव था कि उसी 2200 करोड़ की रिश्वत देने वाले से बिजली खरीदो, जिसने केंद्र सरकार को और उनके लोगों को रिश्वत खिलाई थी। मगर केजरीवाल ने उनकी चलने नहीं दी। चलने नहीं दी तो आपके शहर में बिजली सस्ती है। लोगों को मुफ्त और 24 घंटे बिजली मिल रही है।

अरविंद केजरीवाल कि इस मुफ्त रेवड़ियों की काट के लिए भारतीय जनता पार्टी ने भी मुफ्त की रेवड़ी बांटने का अपना एक अलग ही तरीका अपनाया है। इन्होंने लाडली बहना और गोगो बहना जैसी योजनाओं के तहत आधी आबादी यानि महिलाओं के लिए मुफ्त पैसे देकर इनके वोटो के सहारे सरकार बनाने की योजना बनाई है। इसके अलावा चुनावी राज्यों में या चुनाव के समय अलग से मुफ्त रेवड़ी बांटने का भरोसा देती है।

मुफ्त की रेवड़ियां बांटने के मामले को लेकर अगर दिल्ली चुनाव को लेकर एक नवगठित राजनीतिक दल उदय भारतम् की बात की जाए,तो यह राजनीतिक दल मुफ्त की रेवड़ियां बांटने में भरोसा नहीं करती है। उदय भारतम् राजनीतिक दल का मानना है कि मुफ्त शिक्षा जैसी व्यवस्था कर लोगों को योग्य बनाकर उन्हें खुद के भरोसे रोजगार तलाशने योग्य बनाने से राज्य का ज्यादा भला होगा।इससे एक तरफ जहां लोगों की कार्य क्षमता बढ़ने से जीडीपी में सुधार होगा, वहीं दूसरी तरफ टैक्स पेयर के पैसे भी इंफ्रास्ट्रक्चर और नवनिर्माण के लिए ज्यादा मात्रा में उपलब्ध होगा,जिसका लाभ अंततः सभी दिल्ली वासियों को मिलेगा।

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