बिहार में धीरेंद्र शास्त्री को लेकर सियासत जारी,सत्ताधारी महागठबंधन में शामिल दल कर रहे हैं शब्द प्रहार और बीजेपी का पलटवार

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बीरेंद्र कुमार झा

एक तरफ पटना के नौबतपुर में बागेश्वर धाम के पीठाधीश धीरेंद्र शास्त्री की कथा चल रही है तो वहीं, दूसरी तरफ बिहार में इस पर सियासत भी खूब हो रही है। बाबा के खिलाफ सत्ताधारी महागठबंधन के नेतागण लगातार बयान दे रहे हैं। बिहार सरकार में मंत्री और लालू के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव तो बाबा बागेश्वर धाम पर पहले से ही भड़के हुए हैं,अब तो नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव ने भी बाबा बागेश्वर धाम धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भी बोलने लगे हैं।

तेज प्रताप ने पहले धीरेंद्र शास्त्री को एयरपोर्ट पर घेरने की धमकी दी थी, लेकिन अब उन्होंने बाबा धीरेंद्र शास्त्री को पहचानने से इनकार कर दिया है। मंगलवार को एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हम किसी आबा-बाबा-टाबा को नहीं जानते।

उन्होंने कहा कि बीजेपी के लिए धीरेंद्र शास्त्री यहां पहुंचे हैं। 13 तारीख को जब वह यहां पहुंचे तो कर्नाटक में बीजेपी हार गई। बीजेपी को कर्नाटक में उन्होंने नहीं बचाया। तेज प्रताप यादव ने साफ कह दिया बिहार मे रामराज्य नहीं है। यहां कृष्ण राज्य है, महागठबंधन का राज्य है।

हम केवल देवरहा बाबा को मानते हैं, क्योंकि उन्हीं के आशीर्वाद से हमारा जन्म हुआ है। तो वहीं, लालू यादव ने कहा- वो कौनो बाबा है।

इधर, आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद ने भी एक बार फिर धीरेंद्र शास्त्री को जेल में डालने की बात दोहराई। उन्होंने कहा कि आडवाणी की तरह ही बाबा को जेल भेजने की जरूरत है। जबकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि हद है देश का नाम बदल दीजिएगा।

बीजेपी को हार से बचा नहीं सके धीरेंद्र शास्त्री

तेज प्रताप यादव ने आगे कहा कि बाबा धीरेंद्र शास्त्री ने बिहारियों का अपमान किया है। उन्हें पागल कहा है। इनको बिहार कभी माफ नहीं करेगा। तेज प्रताप यहीं नहीं रुके। उन्होंने साफ कहा कि भगवान कृष्ण और राम में काफी अंतर है। राम जहां 14 कलाओं में निपुण थे, तो भगवान कृष्ण 16 कलाओं में निपुण थे। वह यदुवंशी थे और हम लोग भी यदुवंशी हैं।

इससे पहले भी तेज प्रताप यादव ने एक ट्वीट किया था। ट्वीट के जरिए उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री पर निशाना साधा था। उन्होंने देवरहा बाबा की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था कि असली बाबा ये हैं। पिता लालू प्रसाद भी उनसे मिलने अक्सर जाते रहते थे। देवरहा बाबा के आशीर्वाद से ही उनका जन्म हुआ है।

जगदानंद ने भी निशाना साधा

आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद ने कहा कि संविधान को नहीं मानने वालों का हम विरोध करते हैं। धीरेंद्र शास्त्री को भी आडवाणी की तरह जेल में डाल देना चाहिए। दूसरी तरफ, जहानाबाद में जाप नेता पप्पू यादव ने बाबा धीरेंद्र शास्त्री पर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री लफुआ है और हुडहुरिया है। धर्म के नाम पर लोगों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसे व्यक्ति को जेल जाना चाहिए।

जगदानंद इससे पहले भी बाबा पर निशाना साध चुके है। पिछले महीने उन्होंने कहा था कि जिसका मन करता है, वही बाबा बन जाता है और फिर जेल चला जाता है। उन्होंने कहा कि बाबा बागेश्वर को जेल में रहने की जरूरत है।

नीतीश बोले- हद है संविधान बदल दीजिएगा

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने धीरेंद्र शास्त्रीके, भारत को ‘हिंदू राष्ट्र’ बनाने की बात पर सख्त ऐतराज जताया। कहा-‘हद है। देश का नाम बदल दीजिएगा? असंभव।’ मुख्यमंत्री मंगलवार को मीडिया से मुखातिब थे। उनसे बाबा के ‘हिंदू राष्ट्र’ वाले बयान को लेकर सवाल पूछा गया था। उन्होंने कहा-‘इन बातों की कोई वैल्यू नहीं। बेकार बात है। संविधान का उल्लंघन है। सबको पूजा करने का अधिकार है, लेकिन सभी धर्मों की इज्जत भी होनी चाहिए।’

उनका दावा रहा कि कोई कुछ भी कर ले, देश और बिहार में कायम लोगों की एकता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। धीरेंद्र शास्त्री की ‘देश को राममय कर देंगे’ वाली बात पर मुख्यमंत्री ने कहा ‘राम हों, कृष्ण हों या कोई और हों, जिनका भी धर्म है, तो करिए न भाई, इसमें कौन रुकावट है?

हम लोग तो सबके हित में काम करते हैं। कोई कुछ बोल रहा है, तो अपनी मर्जी से बोल रहा है। और जो अभी बोल रहे हैं उनका आजादी की लड़ाई के समय जन्म हुआ था? आजादी के बाद सबकी सहमति से संविधान बना।’

‘बीजेपी के बड़े नेता, केंद्रीय मंत्री बाबा की आरती उतारे हैं’, सवाल पर मुख्यमंत्री का कहना था कि पूजा, निहायत व्यक्तिगत चीज है, करें। इसका देश की नीतियों से कोई मतलब नहीं है। नीतियां, संविधान में हैं और इसमें हर तबके के उत्थान और किसी की उपेक्षा नहीं करने की बात है। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि संविधान के खिलाफ कोई क्या माहौल बनाएगा? संविधान में परिवर्तन के लिए दोनों सदनों में 2/3 से ज्यादा बहुमत चाहिए। यह सबकी सहमति से होता है।

बीजेपी नेताओं ने भी धीरेंद्र शास्त्री मामले में सत्ताधारी दल के नेताओं को लपेटे में लिया,

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने गांधी मैदान में धीरेंद्र शास्त्री को अनुमति नहीं देने को लेकर कहा कि यह हिंदू संतों का अपमान करने वाली बात है। क्या बिहार के अंदर ओवैसी को आने की अनुमति मिल सकती है, जो भड़काऊ बयान देते हैं…तो बाबा बागेश्वर धाम को क्यों नहीं…? वह कोई राजनीतिक व्यक्ति नहीं है। वह वोट मांगने नहीं आ रहे हैं। इनका कल्चर और संस्कृति हिंदू देवी-देवताओं और संतों का अपमान करना है। बिहार का हिंदू समाज इस तरह का अपमान कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।

बीजेपी प्रवक्ता निखिल आनंद की प्रतिक्रिया

जगदानंद सिंह द्वारा बाबा बागेश्वर नाथ धाम के पीठ आदेश धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की जगह जेल में बताने पर बीजेपी प्रवक्ता निखिल आनंद भी भड़क गए उन्होंने भी अपनी प्रतिक्रिया हुए कहा कि धीरेंद्र शास्त्री के प्रति ऐसे बयान देने वाले लोगों का जगह पागलखाना या पाकिस्तान में होना चाहिए। पीएफआई का समर्थन करने वाले दल के नेताओं को तो बाबा बागेश्वर से चिढ़ होगी ही। जो लोग डॉ जाकिर नायक से मंतर फुकवा चुके हैं उन्हें तो बाबा बागेश्वर से जलन होगी ही।

इफ्तार पार्टी में शामिल होते हैं सत्तारूढ़ गंठबंधन के नेता

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार उपमुख्यमंत्री बाबा बागेश्वर धाम के आचार्य धीरेंद्र शास्त्री के हनुमंत कथा में नहीं जाते हैं।यह लोग वहां जाते हैं जहां पर जालीदार टोपी और इफ्तार पार्टी होता है।हनुमंत कथा में वोट नहीं है, इसलिए यह लोग हनुमंत कथा से परहेज करते हैं। ये लोग इफ़्तार के समय चादर टोपी लेकर शामिल होते हैं।यह सरकार तुष्टिकरण की सरकार है।

 

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