बीरेंद्र कुमार झा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद के मानसून सत्र के दौरान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सांसदों के 10 समूहों के साथ बैठक करेंगे। यह बैठकर 25 जुलाई से शुरू होने वाली है। प्रत्येक समूह में 35 से 40 सांसद शामिल होंगे।2024 के लोकसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में यह बैठकर महत्वपूर्ण है। गौरतलब है कि सांसदों के समूहों को क्षेत्रीय आधार पर विभाजित किया गया है। प्रत्येक समूह में इन क्षेत्रों के सांसद रहेंगे। पहले दिन यानी 25 जुलाई को पीएम मोदी उत्तर प्रदेश और उत्तर क्षेत्र के नेताओं से मुलाकात करेंगे।यह बैठक 3 अगस्त तक होगी।
बीजेपी और गठबंधन के सहयोगियों के बीच संवाद स्थापित करने के लिए गठित हुआ सांसदों का समूह
एनडीए की 18 जुलाई की बैठक में विभिन्न दलों से संवाद कम होने और चुनाव आदि के मौके पर ही बातचीत होने का मुद्दा उठाया था और कहा था कि संवाद बढ़ना चाहिये।इसके बाद अब एनडीए में संवाद को बढ़ाया जा रहा है।खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सत्र में शिर्फ बीजेपी के सांसदों के बजाय एनडीए के सांसदों से विभिन्न समूहों में संवाद करेंगे। सांसदों के ऐसे 10 समूह बनाए गए हैं।
मानसून सत्र के दौरान कुछ बैठकें सुबह और कुछ शाम को होंगी।इसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा भी रहेंगे बैठकों में समन्वय के लिए बीजेपी के कई प्रमुख नेताओं को सहयोगी दलों के साथ समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हर बैठक के लिए बीजेपी के दो पदाधिकारी, दो केंद्रीय मंत्री और दो सहयोगी दल के नेता जिम्मेदारी संभालेंगे।
सांसदों के कामकाज का लिया जाएगा ब्यौरा
हर समूह में लगभग 40 सांसद रहेंगे ।माना जा रहा है कि अगले लोकसभा चुनाव को देखते हुए इस प्रकार की बैठकें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी ।इनमें सांसदों के कामकाज का ब्यौरा भी लिया जाएगा। इसके अलावा बीजेपी के नेता आपस में भी एनडीए से संवाद बनाएंगे l।वे आपस में चर्चा कर रिश्तों को मजबूती प्रदान करेंगे। इससे आपसी समझ बेहतर होने के साथ-साथ विपक्षी एकता की चुनौती को काफी प्रभावी जवाब दिया जा सकेगा। साथ ही एनडीए के विस्तार की भी संभावनाएं तलाशी जाएंगी।

