न्यूज डेस्क
भाजपा के खिलाफ मोर्चेबंदी के लिए पटना में शुक्रवार को होने वाल विपक्षी दलों की बैठक से पहले ही मतभेद के स्वर गूंजने लगे हैं। आम आदमी पार्टी ने दिल्ली से संबंधित केंद्र सरकार के अध्यादेश पर कांग्रेस का समर्थन नहीं मिलने पर बैठक के बहिष्कार की धमकी दी है। जदयू सूत्रों के मुताबिक आम चाहती है कि दूसरे विपक्षी दलों की तरह कांग्रेस भी बैठक से पहले राज्यसभा में इस अध्यादेश का विरोध करने की घोषणा करे।
वहीं लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी को विपक्षी एकता की राह में सबसे बड़ा रोड़ा बताया है। वह बंगाल में धरने पर बैठे हैं। उन्होंने पंचायत चुनाव में सत्तारूढ़ तृणमूल पर हिंसा करने व कांग्रेस कार्यकर्ताओं को डराने धमकाने का आरोप लगाया। इससे पहले पंचायत चुनाव में माकपा कांग्रेस गठबंधन से नाराज ममता ने कांग्रेस से सहयोग न करने की घोषणा की थी। हालांकि राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव कांग्रेस और ममता के बीच जारी खटास को कम करने की कोशिशों में जुटे हैं।
विपक्षी दलों को एकजुट करने की कोशिश में लगे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए आज का दिन अहम है। पटना में नीतीश कुमार के आवास पर विपक्ष दलों के बड़े नेताओं की बैठक होने जा रही है । 2024 में मोदी और भाजपा को हराने के लिए रणनीति पर मंथन होगा। नीतीश कुमार को इस बैठक से बड़ी उम्मीद है, क्योंकि वो कह चुके हैं कि यदि सभी दलों ने मिलकर चुनाव लड़ा तो भाजपा को 100 सीटें भी नहीं मिलेंगी।

