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पंकजा मुंडे ने की NCP नेता एकनाथ खडसे से मुलाकात, पंकजा ने की बगावत तो BJP को झेलना पड़ेगा OBC समाज का गुस्सा

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  • पंकजा मुंडे ने की NCP नेता एकनाथ खडसे से मुलाकात

  • पंकजा ने की बगावत तो BJP को झेलना पड़ेगा OBC समाज का गुस्सा

  • महाराष्ट्र में 38 फीसदी है ओबीसी समाज की आबादी

  • जल्द ही अमित शाह करेंगे पंकजा मुंडे से मुलाकात

  • अमित शाह मनाएंगे तो क्या मान जाएंगी पंकजा मुंडे?

विकास कुमार
पंकजा मुंडे के दांव से बीजेपी आलाकमान में बेचैनी है। बीजेपी नेता पंकजा मुंडे अपनी ही पार्टी से नाराज चल रहीं हैं। उनके एक बयान से भगवा खेमे में हड़कंप मच गया था। उन्होंने कहा था कि वे बीजेपी की हैं लेकिन बीजेपी उनकी पार्टी थोड़ी है। पंकजा मुंडे के इस बयान की गूंज दिल्ली तक सुनाई दी है। वहीं अब पंकजा मुंडे ने एनसीपी के नेता एकनाथ खडसे से मुलाकात की है। दोनों नेताओं के बीच करीब चालीस मिनट तक बातचीत हुई। इस मुलाकात के बाद पंकजा मुंडे ने बताया कि खडसे उनके पिता के मित्र के रूप में यहां आए थे। पंकजा मुंडे ने दावा किया कि मुलाकात के दौरान कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई।

पंकजा मुंडे के तेवर को देख कर बीजेपी प्लान बी पर काम कर रही है। अब खबर है कि पंकजा मुंडे जल्द ही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से भी मुलाकात करेंगी। पंकजा मुंडे ने कहा कि वह जल्द ही अपनी सभी शिकायतों के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलेंगी। उन्होंने बीड के परली में गोपीनाथ मुंडे की पुण्यतिथि पर सभा में यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि

‘मेरे नेता अमित शाह हैं। मैंने उनका समय मांगा है। मैं जल्द ही अपनी सारी शिकायतों के साथ उनसे मिलूंगी। मैं उससे पूछूंगी कि मुझे क्या करना चाहिए। मैं राजनीति में केवल लोगों के लिए हूं न कि अपने परिवार के लिए। लोगों से मेरा मतलब उन लोगों से नहीं है जो मेरे आसपास हैं या मुझसे रोज मिलते हैं। लोगों से मेरा मतलब आखिरी आदमी से है जो मुझे उम्मीद से देखता है। हो सकता है मैं उसे देख ना पाऊं, लेकिन मैं देखती हूं कि उसका कल्याण कहां है। मैं उस व्यक्ति के लिए एक स्टैंड लूंगी और मैं अपने स्टैंड पर अडिग रहूंगी, भले ही वह उन लोगों से अलग हो, जिनके साथ मैं काम कर रही हूं। यह मुझे अपने पिता से विरासत में मिला है।’

गोपीनाथ मुंडे के पक्ष को समझाते हुए पंकजा ने कहा कि उनके पिता हमेशा दलितों की भलाई के लिए खड़े रहे हैं। उन्होंने ही मराठ कोटे की मांग का समर्थन किया था। लेकिन, उन्होंने यह भी कहा कि ओबीसी कोटे में गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए। दरअसल महाराष्ट्र में 38 फीसदी आबादी ओबीसी की है। अगर पंकजा मुंडे ने बीजेपी से बगावत किया तो 38 फीसदी ओबीसी बीजेपी को आने वाले चुनावों में कड़ा सबक सिखा सकते हैं।

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