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कभी बिहार के रॉबिनहुड रहे आनंद मोहन की रिहाई के आदेश जारी ,बिहार की राजनीति पर पड़ेगा असर !

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अखिलेश अखिल
कभी बिहार के रॉबिनहुड रहे आनंद मोहन की रिहाई के आदेश बिहार सरकार से जारी कर दिए गए हैं। बिहार सरकार के इस आदेश के बाद बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव की सम्भावना जताई जा रही है। कहा जा रहा है कि आनंद मोहन के बाहर आते ही बिहार में युवाओं की बड़ी संख्या आनंद मोहन के साथ जुड़ेंगी और खासकर राजपूत समाज के लोग जो अब तक बीजेपी के साथ गोलबंद हैं ,वहाँ से निकलकर आनंद मोहन के साथ जायेंगे। आनंद मोहन इन दिनों राजद और जदयू के ज्यादा करीब हैं। राजद में उनका बेटा विधायक है जबकि नीतीश कुमार उन्हें जेल से बाहर करने के लिए जेल कानून में कई बदलाव भी किये हैं।

पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह इस समय बेटे की सगाई के लिए पैरोल पर बाहर आए थे। अब रिहाई का आदेश जारी होने का मतलब है कि उन्हें अब जेल नहीं जाना होगा। आनंद मोहन सिंह की रिहाई से बिहार के राजपूत समाज में खुशी की लहर है। अपने गृह क्षेत्र कोसी-सीमांचल के साथ-साथ पूरे बिहार में आनंद मोहन सिंह राजपूत समाज के बड़े नेता माने जाते हैं। आनंद मोहन सिंह आईएएस अधिकारी जी. कृष्णैया की हत्या के मामले में जेल में बंद थे। गोपालगंज के डीएम रहे जी. कृष्णैया की हत्या 1994 में मुजफ्फरपुर में एक भीड़ द्वारा कर दी गई थी। इस भीड़ के नेतृत्व का आरोप आनंद मोहन सिंह पर लगा था।

आनंद मोहन सिंह के साथ-साथ 27 अन्य बंदी भी जेल से रिहा होंगे। सोमवार शाम बिहार सरकार की ओर जारी आदेश में इन सभी का नाम शामिल है। ये सभी बंदी अलग-अलग मामलों में जेल में बंद थे। सरकार के आदेश वाले पत्र में आनंद मोहन सिंह का नाम 11 वें नंबर है। आनंद मोहन की बेटे और शिवहर के राजद विधायक चेतन आनंद की 3 मई को शादी है। इस मौके पर बिहार सरकार ने आनंद मोहन की रिहाई का आदेश दिया है।

आनंद मोहन सिंह की रिहाई के लिए बिहार सरकार ने नियम में बदलाव किया है। बीते 10 अप्रैल को बिहार सरकार ने बिहार कारा हस्तक, 2012 के नियम 481 (I) (क) में बदलाव किया था। इस बदलाव के बाद आनंद मोहन की रिहाई का रास्ता साफ हो गया था। आनंद मोहन की रिहाई के फैसले पर बीजेपी सहित कई अन्य दलों ने सवाल भी उठाए। हालांकि कई लोगों ने इस फैसले को सराहा भी है।

आनंद मोहन गोपालगंज के तत्कालीन डीएम जी कृष्णैया की हत्या के आरोप 14 साल जेल की सजा काट चुके हैं। उनकी रिहाई की मांग काफी पहले से की जा रही थी। लेकिन नियम में बदलाव के बाद बिहार सरकार ने पूर्व सांसद आनंद मोहन रिहाई पर मुहर लगा दी है। सरकार ने सोमवार शाम को रिहाई के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। कागजी प्रक्रिया के बाद वह स्थायी तौर पर जेल से बाहर आ जाएंगे

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