बजट में भेदभाव को लेकर विपक्ष का संसद परिसर में प्रदर्शन ,खड़गे ने बजट को बताया जन विरोधी

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न्यूज़ डेस्क
विपक्षी इंडिया के घटक दलों ने बजट में विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों के साथ किए गए “भेदभाव और अन्याय” के खिलाफ आज संसद भवन परिसर में प्रदर्शन किया।

इस विरोध प्रदर्शन में राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कई अन्य विपक्षी दलों के सांसद शामिल हुए। विपक्षी सांसदों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।

कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि यह बजट जनविरोधी है। उन्होंने कहा, “किसी को न्याय नहीं मिला है। बिहार और आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा तो मिला नहीं।” यह पूछे जाने पर कि क्या विपक्षी दल बजट पर चर्चा में भाग लेंगे तो खड़गे ने कहा, “हम प्रदर्शन करेंगे। फिर देखते हैं।”

कांग्रेस सांसद रणदीप सुरजेवाला ने केंद्रीय बजट के विरोध पर कहा, “ये मोदी जी का कुर्सी बचाओ बजट है, सत्ता बचाओ बजट है, बदला लो बजट है। इस बजट से देश के 90% राज्य और 90% से अधिक लोग अलग-थलग कर दिए गए हैं। बजट भाजपा की सत्ता बचाने के लिए नहीं हो सकता, देश की जनता की भलाई के लिए होना चाहिए। मोदी सरकार का बजट केवल और केवल भाजपा की सत्ता बचाओ बजट बनकर रह गया है।”

खड़गे के आवास पर मंगलवार शाम ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दलों के सदन के नेताओं की बैठक में इस मुद्दे को लेकर संसद के बाहर और भीतर विरोध जताने का फैसला किया गया था।

कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इसी मुद्दे को लेकर मंगलवार को कहा था कि 27 जुलाई को नीति आयोग की होने वाली बैठक का कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री बहिष्कार करेंगे।

उन्होंने यह आरोप भी लगाया था कि संवैधानिक सिद्धांतों के प्रति इस सरकार का रवैया पूरी तरह से ‘अनैतिक’ है।

इससे पहले द्रविड़ मुनेत्र कषगम(द्रमुक) के अध्यक्ष और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के.स्टालिन ने भी नीति आयोग की बैठक का बहिष्कार करने की घोषणा की थी।

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