बीरेंद्र कुमार झा
जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में आतंकियों के खिलाफ सेना का ऑपरेशन जारी है। अनंतनाग के पहाड़ी इलाकों के जंगलों में छिपे आतंकवादियों का पता लगाने के लिए सेना लगातार ऑपरेशन चला रही है। अपने अभियान के लिए सेना ड्रोन का इस्तेमाल कर रही है।इसके अलावा अब सेना के जवान एंटी टेरर ऑपरेशन साइट पर रॉकेट लांचर लेकर आ गए हैं। इससे पहले जम्मू कश्मीर के उरी बारामूला में जवानों ने दो संदिग्ध लोगों को पकड़ा था।उनके पास से दो पिस्टल, पांच हथगोले और अन्य युद्ध सामग्री बरामद की गई। गौरतलब है कि बुधवार को आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में तीन सैन्य अधिकारी और एक जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद से लगातार सेना वहां ऑपरेशन चला रही है।
मोर्टार से गोले दाग रही सेना
सेना को जिस जगह आतंकियों के छिपे होने का सेना को शक है, उस जगह इसने ड्रोन से निगरानी के आधार पर मोर्टार से गोले दागना प्रारंभ कर दिया है। सेना के अधिकारियों ने कहा है कि पूरे इलाकों की जवानों ने घेराबंदी कर ली है। दोनों ओर से फायरिंग हो रही है। गौरतलब है कि कोकेरनाग इलाके के गाडोले में आतंकवादियों के साथ तीन दिनों से जारी इस मुठभेड़ में बुधवार सुबह सेना की 19 राष्ट्रीय राइफल ईकाई के कमांडिंग अधिकारी कर्नल मनप्रीत सिंह ,मेजर आशीष ढोचक, जम्मू कश्मीर पुलिस के उपाधीक्षक हुमायूं भट्ट के साथ एक सैनिक भी शहीद हो गए थे।
आतंकियों को दिया जाएगा करारा जवाब
अनंतनाग एनकाउंटर पर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि यह बहुत ही दुखद घटना है। उन्होंने कहा कि आतंकियों को इसका करारा जवाब दिया जाएगा अनुराग ठाकुर ने कहा कि जम्मू कश्मीर में कांग्रेस ने अनुच्छेद370 दिया और उसकी वजह से अबतक करीब 40 हजार लोगों लोगों की जान जा चुकी है।उन्होंने कहा कि हमने बीते 9 सालों में पाकिस्तान की ओर से प्रायोजित किए जा रहे आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है, जिसमें कई आतंकवादी मारे गए हैं उन्होंने कहा की यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी
शहीदों को नम आंखों से दी अंतिम विदाई
अनंतनाग मुठभेड़ मे शहीद कर्नल मनप्रीत सिंह को मोहाली में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने कर्नल मनप्रीत सिंह के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र चढ़ाया और उन्हें श्रद्धांजलि दी।पंजाब के मोहाली में कर्नल मनप्रीत सिंह के पैतृक गांव मुल्लापुर गरीबदास में उनको अंतिम विदाई दी गई। शहीद कर्नल मनप्रीत सिंह की अंतिम यात्रा में उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ा।हजारों की संख्या में लोग उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए।
जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीद मेजर आशीष ढोचक को पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ पानीपत के उनके पैतृक गांव में हजारों लोगों ने नम आंखों के साथ अंतिम विदाई दी। शहीद मेजर ढोचक की अंतिम यात्रा में उनके शोक संकल्प परिवार के साथ-साथ सेवा के अधिकारी भी मौजूद थे।शहीद मेजर ढोचक के पार्थिव शरीर को शुक्रवार सुबह पानीपत उनके घर लाया गया था, जहां से पार्थिव शरीर को सेना के वाहन में उनके पैतृक गांव बिंझौल लाया गया।
रेजीमेंट और सेना के लिए बड़ी क्षति
पूर्व भारतीय सेना प्रमुख जनरल वेद प्रकाश मालिक ( सेवानिवृत्त) ने कहा कि यह बहुत दुखद अवसर है। दोनों अधिकारी कर्नल मनप्रीत सिंह और मेजर आशीष ढोचक मेरी रेजिमेंट से थे। यह एक बड़ी क्षति है। रेजीमेंट और सेना स्वाभाविक रूप से एक ही परिवार से होने के कारण मुझे भी दुख हो रहा है।हमें उम्मीद है कि जिन लोगों ने अनंतनाग कांड को अंजाम दिया है उन्हें जल्द ही सेना द्वारा सुलझा लिया जाएगा।

