भीषण गर्मी में भी श्रद्धालू पूजा अर्चना के लिए देवघर के बाबा बैद्यनाथ मंदिर(deoghar) में पहुंच रहे हैं. देश-विदेश से आने वाले भक्त मंदिर में रखे दानपत्र में चढ़ावा भी चढ़ाते हैं. इस दानपात्र में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा भी डालते हैं. मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं में कोई डॉलर, कोई नेपाली रुपये तो कोई बांग्लादेशी टाका भी चढ़ा जाता है.

बीते 5 अप्रैल के बाद आज मंदिर प्रांगण में स्थित 19 दानपात्रों को खोला गया. मंदिर दंडाधिकारी सह जिला उपायुक्त मंजुनाथ भजन्त्री के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार सभी दानपत्रों से करीब साढ़े 18 लाख रुपये से अधित प्राप्त हुए हैं. बढ़ती गर्मी में भी बाबा बैद्यनाथ के दर्शन करने देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंचे रहे हैं.
इस दौरान भक्तों ने पूजा के साथ-साथ दिल खोलकर दान भी किए. बता दें कि इससे पहले 5 अप्रैल को पात्रों को खोला गया था. इसके 70 दिन बाद कल यानी बृहस्पतिवार को दान पात्रों को खोला गया तो 18 लाख 59 हजार 514 रुपये प्राप्त हुए हैं. इस दौरान 1966 नेपाली रुपये भी मिले हैं. साथ ही 12 अमेरिकी डॉलर भी इस दानपत्र मे पाए गए हैं.
ऐसे होती है नोटों की गिनती
महीने में किसी भी तारीख को देवघर मंदिर प्रशासन की देखरेख में मंदिर परिसर में लगे दानपात्रों को खोला जा सकता है. दान पात्र में रखे पैसे की गिनती मंदिरकर्मियों के द्वारा की जाती है. नोट और सिक्के की संख्या ज्यादा होने के कारण सारे मंदिरकर्मी को गिनती में लगा दिया जाता है. गिनती के समय कई पुलिसकर्मी भी मौजूद रहते हैं.
सावन में होती है ज्यादा इनकम
यूं तो बाबा बैद्यनाथ के द्वार में साल भर श्रद्धालु पहुंचते हैं. देश के कोने-कोने से श्रद्धालु आते हैं. लेकिन श्रावण महीने में श्रद्धालू की संख्या ज्यादा होती है. इसी कारण बाबा मंदिर के दानपात्र में श्रावण महीने में ज्यादा चढ़ावा आता है.

