- बीरेंद्र कुमार झा
सुभासपा अध्यक्ष ओपी राजभर ने बीजेपी सरकार पर धर्म के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया । उन्होंने कहा कि बीजेपी हमेशा धर्म को सामने लाकर राजनीति में आती है। हिंदू मुसलमान करती है। एक तरफ यह हिंदू मुसलमान के बीच नफरत की खाई पैदा करती है तो वहीं दूसरी तरफ मुसलमानों के वोट लेने के लिए पसमांदा सम्मेलन होते हैं।मुसलमानों को साथ लाने के लिए तीन तलाक बिल लाए जाते हैं।तमाम ऐसे काम किए जाते जिससे मुसलमानों का वोट मिल जाए.
ओपी राजभर ने कहा कि बीजेपी एक तरफ हिंदुओं को गुमराह करती है कि हम मुसलमानों को देश से निकालेंगे और वहीं दूसरी तरफ वोट के लिए मुसलमानों को अपनी पार्टी से जोड़ना चाहती हैं।यह बहुत बड़ी अतिशयोक्ति है जो मैं देख रहा हूं। बीजेपी हिंदू-मुसलमान के बीच में एक खाई पैदा कर रही है तो दूसरी तरफ उनको वोट के लिए जोड़ने की कवायद भी कर रही है।पसमांदा सम्मेलन और, तीन तलाक का बिल किस लिए लाया गया, यह इसका प्रमाण है।
राजभर ने बीजेपी पर साधा निशाना
कल तक तो प्रधानमंत्री चादर चढ़ाने मजार पर नहीं जाते थे, लेकिन अब राजस्थान चादर भेज रहे हैं , यह दुआ कर रहे हैं कि मुसलमानों का वोट हमें मिल जाए। यही तो चल रहा है। सारे खेल वोट के लिए हो रहा है।बाबा साहब अंबेडकर ने संविधान लिखा तो उसमें धर्मनिरपेक्षता की बात लिखी।सभी धर्म के लोगों को अपने हिसाब से मानने की व्यवस्था दी गई है
अखिलेश यादव को दी नसीहत
ओपी राजभर ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा और कहा सपा चार बार यूपी में सत्ता में रही, उन्होंने प्रदेश में क्या किया? जो आज राष्ट्रीय स्तर पर घूम रहे हैं। प्रदेश में ही लोगों को अपने साथ नहीं रख पाए। प्रमोशन में आरक्षण सपा ने खत्म किया।अब वह किस मुंह से दलित और अति पिछड़ों के बीच वोट मांगेंगे।अखिलेश यादव आज बंगाल जा रहे, ममता बनर्जी यूपी में कितने वोट दिलाएंगी। केसीआर, लालू यादव कितने वोट दिला देंगे। इनको समझौता करना है तो मायावती के यहां जाओ। बंगाल में स्टूल पर बैठ रहे हैं, मायावती पास जाएंगे तो कुर्सी मिलेगी । नीतीश कुमार के साथ जाएंगे तो कुर्सी पर बैठेंगे, कांग्रेस से बात करेंगे तो कुर्सी पर बैठेंगे लेकिन ये बंगाल स्टूल पर बैठने जा रहे हैं।
अखिलेश का काम बीजेपी को जिताने वाला
ओपी राजभर ने कहा आज अखिलेश यादव कांग्रेस और नीतीश कुमार को इग्नोर कर रहे हैं, उनका यह काम बीजेपी को जिताने वाला काम है। ऐसा लगता कि ये भाजपा की मदद करने के लिए परेशान है। ईडी, सीबीआई से बचने के लिए घूम रहे है।, जैसे वो केसीआर के यहां गए , केसीआर इनको यूपी में कितने वोट दिलाएंगे? ये ममता के यहां गए , बेचारे को स्टूल पर बैठा दिया गया। ममता बनर्जी यूपी में उन्हें कितने वोट दिलाएंगे?, लालू यादव कितने वोट दिला देंगे.?यह लोग यूपी में वोट नहीं दिला सकते।
मायावती को लेकर कही ये बात
यूपी में मायावती वोट दिला सकती हैं। नीतीश कुमार वोट दिला सकते हैं।यूपी में जो छोटे-छोटे दल हैं वो वोट दिला सकते हैं।सपा भी कोई बड़ा दल नहीं है, छोटा दल है. अगर चुनाव में छोटे दलों को साथ रखेंगे तो जिसका जहां प्रभाव है वहां वे वोट दिला देंगे । इससे पहले भी 20 जिलों में प्रभाव रखने वाले दलों ने वोट दिला कर दिखाया,है।
गठबंधन को लेकर दिए संकेत
ओपी राजभर ने कहा कि आज बीजेपी सत्ता में है तो सपा, बसपा, कांग्रेस की खामियों की वजह से।अति पिछड़ा जिसके साथ रहा ,उसकी सरकार बनी है। आज वह बीजेपी के साथ चला गया, लेकिन आज अति पिछड़ा यहां भी तड़प रहा है। सुभसपा के गठबंधन को लेकर ओपी राजभर ने कहा कि हमारा गठबंधन चुनाव के समय होगा।स्थानीय निकाय चुनाव हम अपने दम पर अकेले लड़ेंगे।लोकसभा का चुनाव जब समय आएगा तब हमारा संगठन अपनी ताकत दिखाएगा।पार्टी के नेता काम कर रहे हैं।अभी तो कोई दल इधर घूम रहा है, कोई उधर घूम रहा है। पहले कुछ स्थिरता तो दिखे।
अभी अकेले दम पर ही रहीहै चुनाव की तैयारी
ओपी राजभर ने कहा कि आगामी स्थानीय निकाय चुनाव और लोकसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी की विचारधारा को जन जन तक पहुंचाने का काम हम कर रहे हैं। बूथ और ब्लॉक स्तर पर कमेटी को दुरुस्त करने का काम कर रहे हैं, जो काम अधूरे हैं उसके लिए नए साथियों को जिम्मेदारी दी गई है। हमारे कार्यक्रम तय हो चुके हैं।24 और 25 मार्च को सीतापुर, 26 को लखीमपुर. इसी तरह सभी 75 जिलों के कार्यक्रम तय है। ओ पी राजभर ने कहा कि वे यूपी की सभी 80 और बिहार की सभी 40 सीटों पर तैयारी कर रहे हैं।

