Odisha Train Accident: ट्रेन हादसे के बाद स्कूल बना मुर्दाघर, छात्रों में खौफ, सरकार ने गिरायी इमारत

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न्यूज डेस्क
ओडिशा के बालासोर में हुए रेल हादसे के बाद शवों के ढेर लग गए थे। इस हादसे में करीब 285 से ज्यादा लोगों ने इस भयानक हादसे में अपनी जान गंवाई। हादसा इतना बड़ा था कि बालासोर में शवों को रखने के लिए मुर्दाघर कम पड़ गए, जिसके चलते अलग-अलग जगहों पर शवों को रखना पड़ा।

रेल हादसे के बाद एक स्कूल को भी अस्थायी मुर्दाघर में बदल दिया गया था। यहां दुर्घटना पीड़ितों के शव रखे गए थे। अब इस स्कूल को ढहा दिया गया है। दरअसल सरकार की तरफ से संचालित बहनागा हाई स्कूल के छात्र यहां आने से कतरा रहे थे। वहीं इसकी वजह एक अफवाह है। कोई कह रहा है कि स्कूल से चीखने की आवाजें आती हैं। कोई रात में सिर कटी लाशों के भूतों को देखने का दावा कर रहा है। छात्रों के अलावा शिक्षक भी सहमे हैं। वहीं उनके अभिभावक भी उन्हें स्कूल भेजने में डर रहे थे। इसके चलते गुरुवार को बालासोर कलेक्टर ने स्कूल का दौरा किया और पुरानी बिल्डिंग को गिराकर उसका रेनोवेशन करने के निर्देश दिए गए।

इमारत को गिराने का फैसला तब लिया गया जब स्कूल प्रबंधन समिति ने कहा कि यह पुरानी है और सुरक्षित नहीं है। एसएमसी ने कहा था कि बच्चे उस स्कूल में नहीं जाना चाहते हैं, जहां शव रखे गए थे। अभिभावकों ने इमारत को हटाने की मांग की थी, ताकि बच्चों के दिमाग से मृतकों और उनके परिवारों की तस्वीरों को मिटाया जा सके।

डर और अंधविश्वास न फैलाएं: कलेक्टर

बालासोर के जिला कलेक्टर दत्तात्रेय भाऊसाहेब शिंदे ने गुरुवार को संस्थान का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने कहा था कि स्कूल प्रबंधन समिति चाहती है कि इमारत को ध्वस्त कर दिया जाए। कलेक्टर ने सभी से डर और अंधविश्वास न फैलाने की अपील की और सुझाव दिया कि इसके बजाय युवा, प्रभावशाली दिमागों में वैज्ञानिक सोच पैदा करने के प्रयास किए जाने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने मॉडल स्कूल बनाने के प्रस्ताव को दी मंजूरी

स्कूल प्रबंधन समिति के फैसले और अभिभावकों व स्थानीय लोगों के अनुरोध पर मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने गुरुवार को मुख्य सचिव सहित वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ बैठक की और संस्थान के पुनर्निर्माण को मंजूरी दी। उन्होंने इसे पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशाला और डिजिटल कक्षाओं जैसी आधुनिक सुविधाओं के साथ एक मॉडल स्कूल बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी।

मुर्दाघर में 80 शव अब भी लावारिस

स्कूल और जन शिक्षा विभाग के सचिव एस अश्वथी ने कहा कि अधिकारी छात्रों और शिक्षकों के मन से डर को दूर करने के लिए काउंसलिंग का आयोजन करेंगे। ट्रेन हादसे के दो दिन बाद राज्य सरकार ने शवों को स्कूल से भुवनेश्वर के विभिन्न अस्पतालों में स्थानांतरित कर दिया था। अधिकारियों ने बताया कि अब तक 200 से ज्यादा शवों की पहचान की जा चुकी है और उन्हें उनके परिवारों को सौंप दिया गया है, जबकि भुवनेश्वर एम्स के मुर्दाघर में करीब 80 शव अब भी लावारिस और अज्ञात हैं।

 

 

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