विकास कुमार
महाराष्ट्र की राजनीति में बीजेपी नेता नितेश राणे ने अपने बयानों से विवाद छेड़ दिया है। राणे ने एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार और शिवसेना नेता संजय राउत पर बहुत ही विवादित बयान दिया है। नितेश राणे ने कहा कि संजय राउत भांडुप के देवानंद हैं। नितेश राणे ने एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार की भी जमकर आलोचना की है। नितेश राणे ने कहा कि औरंगजेब का मसला सुलझ गया, क्या महाराष्ट्र को नहीं पता कि औरंगजेब से प्यार कौन करता है? मैंने भांडुप के देवानंद को छत्रपति संभाजी नगर में बोलते हुए सुना। मेरा उनसे एक सवाल है कि शरद पवार ने एक न्यूज चैनल पर बयान दिया…जिसमें उन्होंने कहा कि मैं छत्रपति संभाजी नगर नहीं बल्कि औरंगाबाद कहूंगा, यह बात आदरणीय शरद पवार ने कही। अब मैं संजय राउत से पूछना चाहता हूं कि क्या आपमें दम है? बालासाहेब की मांग थी कि औरंगाबाद का नाम बदलकर छत्रपति संभाजी नगर किया जाए। क्या आपमें आज छत्रपति संभाजी नगर में बैठने और शरद पवार को चुनौती देने का साहस है?
वहीं नितेश राणे के विवादित बयानों से महाराष्ट्र की राजनीति का पारा हाई हो गया है। उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने भी बीजेपी पर जमकर प्रहार किया है। संजय राउत ने कोल्हापुर में हुई हिंसा को लेकर बीजेपी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
कोल्हापुर में दंगे भड़के हैं या भड़काए गए हैं उसके पीछे कौन है?। जिस औरंगजेब को हमने 400 साल पहले महाराष्ट्र में दफनाया। उसे राजनैतिक स्वार्थ के लिए जिंदा किया जा रहा है। क्योंकि कर्नाटक में बजरंग बली का जादू नहीं चला तो आप औरंगजेब को लेकर राजनीति कर रहे हैं। इसके लिए बीजेपी ही जिम्मेदार है।
नेताओं के बयान से ऐसा लग रहा है कि लोकसभा चुनाव तक ये विवाद बदस्तूर जारी रहेगा। हां इन नेताओं के जहरीले बयानों के शोर में आम जनता की चिंता जरुर दब गई है।

