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मुंबई में अचानक 400 बसें चलनी बंद, क्यों BEST को लेना पड़ा ये बड़ा फैसला?

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पिछले दो महीने में मुंबई में एक के बाद एक तीन बसों में अचानक आग लगने की घटनाएं सामने आईं. इसे देखते हुए अचानक 400 बसें बंद कर दी गईं. बेस्ट प्रशासन की तरफ से अचानक लिए गए इस फैसले से मुंबईकरों पर भारी मुसीबत पहाड़ टूट पड़ा है. इसकी वजह यह है कि हर रोज 30 लाख से ज्यादा मुंबईकर बसों से सफर तय करते हैं. बेस्ट प्रशासन इस फैसले के लिए आग को ही कारण बताया है. इस तरह गुरुवार, 23 फरवरी से ही सड़कों पर चार सौ बसें कम दौड़ेंगी.

ये बसें कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर सेवा में ली गईं थी. लगातार सीएनजी बसों में आग लगने की घटनाएं सामने आ रही थीं. बुधवार को भी अंधेरी के आगरकर चौक में एक बस में भीषण आग लग गई. बस स्टॉप पर यह बस खाली हो रही थी. जैसे ही बस से सभी यात्री उतर गए और बस खाली हुई, इसमें अचानक आग भड़कने से यह पूरी तरह जल कर खाक हो गई. मातेश्वरी नाम के कॉन्ट्रैक्टर की ओर से इन बसों की सुविधाएं दी जा रही थीं. बेस्ट प्रशासन ने कॉन्ट्रैक्टर को तत्काल प्रभाव से इन चार सौ बसों को सड़कों से हटाने का आदेश दे दिया गया.

ये सभी बसें नॉन एसी और सीएनजी से चलने वाली थीं

टाटा मार्कोपोलो कंपनी से ली गई ये बसें मुंबई में बेस्ट के अलग-अलग डेपो से चलाई जा रही थीं. सुबह से अचानक 400 बसें सड़कों पर कम उतरने से यात्रियों को असुविधाओं का सामना करना पड़ेगा. बेस्ट की ये बसें प्रतीक्षा नगर, सांताक्रूज, मरोल और धारावी के चार डेपो से चलाई जा रही थीं. ये सभी बसें नॉन एसी और सीएनजी से चलने वाली थीं.

मुंबई से पहले दिल्ली में भी बसों में आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकीं

मातेश्वरी कॉन्ट्रैक्टर के माध्यम से इन बसों की सेवाएं और सुविधाएं दी जा रही थीं. पिछले दो महीने में आग लगने की यह तीसरी घटना है. इससे पहले दिल्ली में भी इसी तरह से बसों में आग लगने की घटनाएं सामने आई थीं. मुंबई में भी बुधवार से पहले दो घटनाएं सामने आ चुकी थीं. बेस्ट परिवहन विभाग इन घटनाओं को गंभीरता से ले रहा था. आखिर बुधवार को भी जब अंधेरी में एक बस में आग लगी तो बेस्ट ने चार सौ बसें तुरंत बंद करने का फैसला कर लिया.

खास कर 4 डेपो से 36 रुट्स पर इन बसों के ना चलने का दिखेगा असर

बेस्ट परिवहन विभाग ने यह तय किया है कि जब तक कॉन्ट्रैक्टर की ओर से आग लगने की घटनाएं दोबारा ना होने का ठोस आश्वासन नहीं मिल जाता तब तक इन बसों को दोबारा इस्तेमाल नहीं किया जाएगा. सबसे ज्यादा मुसीबत प्रतीक्षा नगर डेपो से जुड़े मुसाफिरों को उठानी पड़ेगी. इस तरह की 100 बसें यहीं से चलाई जाती हैं. इस तरह कल से कुल 4 डेपो से करीब 36 रुट्स पर इन बसों के सड़क पर ना उतरने का खामियाजा आम यात्रियों को भुगतना पड़ेगा.

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