बीरेंद्र कुमार झा
मणिपुर में पिछले कई दिनों से हिंसा जारी है 2 महिलाओं को नग्न कर सड़क पर घुमाए जाने के मामले ने पूरे देश को शर्मसार कर दिया है।चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और उन्हें 11 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। इसके अलावा आठ अन्य आरोपियों की पहचान हो चुकी है। इस बीच सड़क पर घुमाए जाने वाली 2 महिलाओं में से एक की मां ने कहा है कि उनके परिवार के वापस गांव लौटने की उम्मीद नहीं की बराबर है।महिला की मां ने आरोप लगाया कि मणिपुर सरकार ने हिंसा को रोकने या लोगों को सुरक्षा देने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए।
पति और बेटे की भी भीड़ ने कर दी थी हत्या
उन्मादी भीड़ में उन्मादी भीड़ में महिला के बेटे और पति दोनों की हत्या कर दी इसके बाद उनकी बेटी के कपड़े उतरवाकर उसे नग्न परेड करवाया गया 4 मई किस घटना का वीडियो कुछ दिन पहले सामने आया जिसके बाद से बवाल मच गया है। मीडिया से बात करती हुई उस महिला ने बताया कि मैंने अपना सबसे छोटा बेटा खो दिया है जो मेरी उम्मीद थी मैंने उसे शिक्षा प्राप्त करने के लिए स्कूल भेजा था अब उसके पिता भी नहीं रहे मेरे बड़े बेटे के पास नौकरी भी नहीं है इसलिए जब मैं अपने परिवार के भविष्य के बारे में सोचती हूं तो मुझे लगता है कि अब कहीं से कोई उम्मीद नहीं बची है मैं निराश और असहाय महसूस करती हूं।
महिला ने हिंसा नहीं रोक पाने के लिए सरकारको ठहराया दोषी
महिला ने बताया कि अब उसके गांव वापस जाने की कोई संभावना नहीं है, गांव जाने की बात अब उसके दिमाग में भी नहीं आ रही है। उसका कहना है कि गांव में उसके घर जला दिए गए,खेत नष्ट कर दिए गए, पति और बेटे की हत्या कर दी गई, पूरा गांव जल गया है।ऐसे में वह वहां वापस जाकर क्या करेगी ?मणिपुर में मई की शुरुआत से जारी हिंसा को नहीं रोक पाने के लिए उसने मणिपुर सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
मणिपुर सरकार पर बिफरी री नग्न पेरेड पीड़िता
वही इस मामले पर नग्न पैरेड पीड़िता ने कहा कि वह इस मामले को लेकर बहुत गुस्से में है। उसके पिता और भाई की उन्मादी भीड़ ने बेरहमी से हत्या कर दी।यहां तक कि उसके साथ भी उन लोगों ने यह अपमानजनक कृत्य किया है।मैं बहुत आहत हूं। मणिपुर सरकार कुछ नहीं कर रही है। भगवान की कृपा से शारीरिक रूप से ठीक हूं, लेकिन मैं दिन-रात इसके बारे में सोचती हूं। मैंने एक डॉक्टर से परामर्श लिया है।में बहुत ही कमजोर महसूस कर रही हूं।
चारों आरोपी 11 दिन की पुलिस हिरासत में भेजे गए
2 महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने के मामले में भीड़ में शामिल रहे गिरफ्तार चारों आरोपियों को शुक्रवार को 11 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। यह गिरफ्तारी 19 जुलाई को घटना की 26 सेकंड का वीडियो सामने आने के 1 दिन बाद की गई। पुलिस ने बताया कि आक्रोशित भीड़ ने शुक्रवार दोपहर एक अन्य संदिग्ध के थोउबूल जिले में वांगजिल स्थित घर को जला दिया है, जिसे अभी तक गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। इस संबंध में एक अधिकारी ने कहा कि इसके संदिग्ध को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है क्योंकि यह पता चलने पर कि पुलिस उसकी तलाश कर रही है वह फरार हो गया है।
एक महिला एक पूर्व सैनिक की पत्नी
वीडियो में दिखने वाली एक महिला एक पूर्व सैनिक की पत्नी है, जिन्होंने असम रेजीमेंट में सूबेदार के तौर पर सेवाएं दी थी और कारगिल युद्ध भी लड़ा था। घटना के संबंध में शिकायत करीब 1 माह पहले 21 जून को कांगपोकपी जिले के शैकुल थाने में दर्ज कराई गई थी। इसमें जनजाति समुदाय की महिलाओं के अपहरण और उनके शर्मनाक बर्ताव संबंधित जुल्म की दास्तां का उल्लेख किया गया था। प्राथमिकी में दावा किया गया था कि भीड़ ने एक व्यक्ति की हत्या कर दी, जिसने 4 मई को कुछ लोगों को अपनी बहन से दुष्कर्म करने से रोकने की कोशिश की थी। इसके बाद दोनों महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाया गया और दूसरे लोगों के सामने ही उनका यौन उत्पीड़न किया गया।अरुणाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग ने मणिपुर में हुई 4 मई की घटना पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि यह घटना सभी महिलाओं का अपमान है और इसके दोषियों को मौत की सजा दी जानी चाहिए।

