बीरेंद्र कुमार झा
मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री की कुर्सी कौन संभालेगा इसे लेकर कई दिनों से जारी सस्पेंस पर आज शाम विराम लग गया। विधायक दल की गहमगहम चली लंबी बैठक में अंततः मोहन यादव के नाम पर आम सहमति बन गई है।मोहन यादव उज्जैन दक्षिण से विधायक हैं।मोहन यादव को संघ का करीबी बताया जाता है। प्राप्त जानकारी के अनुसार शिवराज सिंह चौहान ने ही मोहन यादव के नाम का प्रस्ताव विधायक दल की बैठक में किया था।इस ऐलान के साथ ही अब सभी के कयासों पर विराम लग गया है।अब मध्य प्रदेश की कमान मोहन यादव के हाथ में होगी।
मोहन यादव की राजनीति
मोहन यादव उज्जैन दक्षिण से विधायक चुने गए हैं।ये एक व्यवसायी परिवार से आते हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार इनकी सारी शिक्षा दीक्षा उज्जैन में हुई है। ये बचपन से ही इनका सनातन के प्रति रुझान रहा है। उज्जैन महाकाल के प्रति भी इनकी काफी भक्ति है।ये छोटी अवस्था से ही संघ से जुड़े थे।राजनीति में इन्होंने अपनी शुरुआत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से की थी।ये 2020 में मध्यप्रदेश के शिवराज सिंह चौहान मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री भी रहे थे।
नरेंद्र सिंह तोमर होंगे स्पीकर
मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने स्पीकर के नाम की भी घोषणा कर दी है। पार्टी ने नरेंद्र सिंह तोमर को विधान सभा अध्यक्ष के लिए नामित किया है।नरेंद्र सिंह तोमर राजपूत जाति से आते हैं।ये पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री रहे हैं।भारतीय जनता पार्टी ने जिन केंद्रीय मंत्रियों को और मध्य प्रदेश से चुनाव लड़वाया था उसमें नरेंद्र सिंह तोमर एक बड़ा चेहरा थे।ये मुख्यमंत्री पद के दावेदार भी थे।
मध्य प्रदेश में होंगे दो उपमुख्यमंत्री
मध्य प्रदेश में मोहन यादव के मुख्यमंत्री के रूप में नामित होने के साथ ही साथ बीजेपी ने मध्यप्रदेश में भी दो उपमुख्यमंत्री को नामित किया है।इन दो उपमुख्यमंत्रियों में से एक जगदीश देवड़ा हैं तो दूसरे राजेंद्र शुक्ला।इस बार बीजेपी जिस तरह से अपने मुख्य मंत्री का चुनाव कर रही है उसमें 2024 के लोक सभा चुनाव की तैयारी की रूपरेखा स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। ओबीसी के साथ ही सामान्य वर्ग को भी इसमें तरजीह दी जा रही है ताकि हर वर्ग के लोगों को लगे की उन्हें प्राथमिकता दी जा रही है।
काफी गहमागहमी भरा था माहौल
इस अहम फैसले से पहले बीजेपी आलाकमान ने आज भोपाल में पर्यवेक्षकों की एक टीम भेजी थी।पर्यविएक्षको के इस टीम की अगुआई हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर कर रहे थे।इसके अलावा इस टीम में आशा लकड़ा और के लक्ष्मण शामिल थे। भोपाल पहुंचने के बाद मनोहर लाल खट्टर और अन्य पर्यवेक्षक सबसे पहले मुख्यमंत्री आवास पहुंचे थे। यहां पहुंचने के बाद उन्होंने सबसे पहले शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की थी।प्राप्त जानकारी के अनुसार मनोहर लाल खट्टर बीजेपी वाला कमान का फरमान लेकर दिल्ली से भोपाल पहुंचे थे।स्थित इतनी तनावपूर्ण थी कि मनोहर लाल खट्टर के भोपाल पहुंचने के बाद भी बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा लगातार उनके साथ संपर्क बनाए हुए थे।
सभी कद्दावर नेताओं के समर्थकों का लगा था जामवाड़ा
पार्टी कार्यालय में जहां विधायक दल की बैठक चल रही थी, वही पार्टी ऑफिस के बाहर प्रहलाद पटेल और शिवराज सिंह चौहान के समर्थक नारेबाजी कर रहे थे। मुख्यमंत्री की रेस में शिवराज सिंह चौहान के साथ ही ज्योतिरादित्य सिंधिया, नरेंद्र सिंह तोमर, कैलाश विजयवर्गीय,प्रहलाद पटेल और बीडी शर्मा के नाम भी शामिल थे उधर मुख्यमंत्री के नाम के ऐलान से पहले प्रहलाद पटेल के आवास की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी।
मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री चुनाव के भंवर से निकलने में सफल रही बीजेपी
मध्य प्रदेश में बीजेपी ने विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत हासिल किया था। जिस राज्य में कांग्रेस और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर बताई जा रही थी,वहां कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया था। यहां बीजेपी को 163 सीटों पर जीत हासिल हुई थी, जबकि कमलनाथ के चेहरे पर लड़ रही कांग्रेस महज 66 सीटों पर सिमट गई ।लेकिन इसके बाद ही बीजेपी मुख्यमंत्री के सवाल के भंवर में फस गई शिवराज सिंह चौहान लेकर प्रह्लाद पटेल ,नरेंद्र तोमर ,कैलाश विजय वर्गीज, ज्योतिरादित्य सिंधिया, बी डी शर्मा जैसे कई बड़े और दमदार चेहरे,लेकिन बीजेपी आज जिससे मोहन यादव को मुख्यमंत्री नामित कर इस भंवर से निकल गया।
राजस्थान के मुख्यमंत्री चुनाव में मिलेगी मदद
मध्य प्रदेश में जिस प्रकार से भारतीय जनता पार्टी ने तमाम बड़े बड़े कद्दावर नेताओं के दावों को धत्ता बताते हुए चौंकाने वाला नाम मोहन यादव के रूप में सामने लाया, उसके कई राजनीतिक परिणाम भी जल्दी ही सामने आने वाला है।बीजेपी के दृष्टिकोण से बात की जाए तो इससे कल राजस्थान के मुख्यमंत्री के चुनाव पर निर्णायक असर पड़ेगा और विद्रोही तेवर अख्तियार करने वाली वसुंधरा राजे जैसे नेताओं का हौसला past होगा होगा।
बिहार और उत्तर प्रदेश में भी राजनीति साधने में सहायक
मोहन यादव को भारतीय जनता पार्टी ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में नामित कर एक तीर से कई शिकार करने की योजना बनाई है। मोहन यादव के यादव जाति से होने का फायदा भारतीय जनता पार्टी कई प्रदेशों में उठाने का प्रयास करेगी, खासकर बिहार और उत्तर प्रदेश जहां राजनीति में यादवों की दबंगता है, वहां मोहन यादव का यादवी चेहरा बीजेपी को यादवों का अतिरिक्त वोट दिलाने में सहायक हो सकता है।
