प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बयान कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा।उन्होंने कहा कि कांग्रेस को हजम नहीं हो रहा है कि मोदी प्रधानमंत्री के पद पर कैसे पहुंच गया है।कांग्रेस खुद को मोहब्बत की दुकान वाले कहते हैं।अब तो मोहब्बत की दुकान वाले मेरी कब्र खोदने की बात करते हैं। कब्र खोदना उनका नारा नहीं स्वभाव है।
PM मोदी ने कहा कि हम विकसित भारत की जमीन तैयार कर रहे हैं।कांग्रेस मोदी की कब्र खोदने के कार्यक्रम करवा रही है।मोहब्बत की दुकान खोलने वाले ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ के नारे लगा रहे हैं।ये कौन सी मोहब्बत की दुकान है, जो देश के किसी नागरिक की कब्र खोदने की बात करती है।क्या ये संविधान का अपमान नहीं है।PM मोदी ने इसकी 7 बड़ी वजहें बताई ।
हमने 370 की दीवार गिरा दी, इसलिए कब्र खोदना चाहते हैं।
हम पूर्वोत्तर भारत में शांति लाए, इसलिए मेरी कब्र खोदना चाहते हैं।
ऑपरेशन सिंदूर की वजह से मोदी की कब्र खोदना चाहते हैं।
हमने माओवादी आतंक से देश को मुक्ति दिला दी है।
कांग्रेस को लगता है कि प्रधानमंत्री की कुर्सी उनकी जागीर है।
कांग्रेस को यह तनाव है कि मोदी यहां तक कैसे पहुंचा है।
नेहरू ने देश के साथ बहुत अन्याय किया था, हमने उसे सुधार दिया।
पी एम मोदी ने कहा कि इसके बाद भी वे बयान देंगे, देखो प्रधानमंत्री राज्यसभा में भी रो रहा था।पिछले 25 साल से संसद का एक भी सत्र ऐसा नहीं गया, जिसमें मोदी को इस संसद में गाली देने का काम न किया हो। मुझसे किसी ने पूछा था स्वास्थ्य का राज, मैंने कहा था कि दो किलोग्राम गाली खाता हूं।मोदी की कब्र ये क्यों खोदना चाहते हैं, ये नारा नहीं, इनके भीतर नफरत का प्रतिबिंब है।
लोकसभा में मंगलवार और बुधवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान हुई घटनाओं को लेकर गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर बहुत ही जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की वजह से लोकसभा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर चर्चा पूरी नहीं हो पाई। उन्होंने कहा है कि ‘कांग्रेस ने राष्ट्रपति शब्द का घोर अपमान किया है, उन्हें मुंह से संविधान शब्द बोलने का भी अधिकार नहीं है।’
लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान कांग्रेस की अगुवाई में विपक्ष ने जिस तरह से हंगामा किया, उसको लेकर पीएम मोदी ने राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देते हुए कांग्रेस पर जबरदस्त निशाना साधा है। उन्होंने कहा, ‘जो लोग गरीबी से निकली एक महिला, आदिवासी परिवार से आई एक महिला..आपने लोकसभा में जो व्यवहार किया, आपने आदिवासी समाज का अपमान किया है…आपने महिला का अपमान किया है, भारत के सर्वोच्च पद पर विराजमान, संविधान ने जिनको सर्वोच्च पद दिया है, आपने उनका अपमान किया है। आपने संविधान का अपमान किया है।
पीएम मोदी ने कहा कि लोकसभा की घटना बहुत ही दर्दनाक है।पीएम मोदी बोले कि कांग्रेस की हताशा-निराशा तो समझी जा सकती है, लेकिन लोकतंत्र के मंदिर में ऐसा होना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि ‘चेयर पर असम के सांसद थे और उस समय कागज फेंके गए, विपक्षी सांसद टेबल पर चढ़ गए। प्रधानमंत्री ने पूछा कि क्या यह नॉर्थ-ईस्ट का अपमान नहीं है। क्या असम के नागरिकों का अपमान नहीं है। कल जब उन्होंने दोबारा ऐसा किया, उस समय आंध्र के दलित परिवार का बेटा चेयर पर बैठा हुआ था। उनको भी अपमानित किया।।
दरअसल, लोकसभा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को गुरुवार को ध्वनिमत से पारित करना पड़ा। बुधवार को शाम पांच बजे पीएम मोदी इसपर जवाब देने वाले थे, लेकिन कांग्रेस की कुछ महिला सांसदों ने उनके आसन को घेर लिया। अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए स्पीकर ओम बिरला ने पीएम मोदी से आग्रह किया कि वह सदन में न आएं। आखिरकार पीएम मोदी का जवाब हुए बिना ही धन्यवाद प्रस्ताव पास करना पड़ा।
पीएम मोदी ने कहा, हमारी एनर्जी का एक बड़ा हिस्सा पिछली गलतियों को सुधारने में खर्च हो रहा है। उस समय दुनिया के मन में जो इमेज बनी थी, उसे मिटाने में बहुत मेहनत लगती है, उन्होंने चीजों को इतनी खराब हालत में छोड़ दिया था। इसीलिए हमने भविष्य के लिए तैयार नीतियों पर जोर दिया है। आज देश पॉलिसी और स्ट्रैटेजी के आधार पर चलाया जा रहा है।भारत पर दुनिया का भरोसा बढ़ रहा है। रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म’ के मंत्र पर चलते हुए हम आगे बढ़े हैं, और आज सच्चाई यह है कि देश रिफॉर्म एक्सप्रेस में सवार हो गया है।
