अखिलेश अखिल
80 लोकसभा सीटों वाला सूबा यूपी बीजेपी के लिए काफी अहम् है। बीजेपी की सोच है कि जिस तरह से पिछले दो लोकसभा चुनाव में पार्टी को इस राज्य लोगों ने आगे बढ़ने में मदद की है ,ठीक उसी तरह अगले चुनाव में भी सूबे के लोग बीजेपी की मदद करेंगे और ऐसा हुआ तो गले चुनाव में बीजेपी की सरकार बनने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। पिछले सप्ताह भर से यूपी को लेकर पार्टी के शीर्ष नेताओं में मंथन हुआ और फिर तय हो गया कि यूपी को कैसे साधा जाय।
यूपी को साधने के लिए दो स्तरीय रणनीति बीजेपी ने बनायी है। पहली योजना तो यह है कि जिन सीटों पर पिछले लोकसभा चुनाव में पार्टी को शिकस्त होना पड़ा था उन सीटों को कैसे अपने पाले में लाया जाय। ऐसे करीब 15 सीटें है जिस पर बीजेपी को ज्यादा ध्यान देने की बात सामने आयी है। इन सीटों को साधने की तैयारी भी अब शुरू हो गई है। पहले चरण में पार्टी के तीन शीर्ष नेताओं को इन सीटों पर माहौल बनाने की तैयारी है। अमित शाह ,जे पी नड्डा और सीएम योगी इन सीटों का दौरा करेंगे और लोगों के मिजाज को पढ़ेंगे।
जानकारी के मुताबिक गाजीपुर से इस रणनिति की शुरुआत जे पी नड्डा करने भी जा रहे हैं। अलग -अलग इलाकों में पार्टी के शीर्ष नेता जाकर जनता के बीच अपनी बात रखेंगे और उनकी समस्याओं को जानेंगे। इस रणनीति के तहत कई और मंत्रियों को भी मैदान में उतारा जा रहा है और कोशिश ये है कि पिछले चुनाव में हारी गई सीटों पर बीजेपी का महौल बनाया जाएगा।
दूसरे चरण में प्रधान मंत्री मोदी खुद यूपी का व्यापक दौरा करेंगे और कोशिश होगी कि अधिकतर लोकसभा सीटों पर उनकी पहुँच हो। इस रणनीति के बड़ी -बड़ी योजनाओं की घोषणा करने की रणनीति है और विकास के कामो को जनता तक पहुंचाने की बात है। प्रधानमंत्री मोदी खुद जनता के बीच जायेंगे। कई योजनाओं की शुरुआत करेंगे और अयोध्या में तैयार हो रहे राम मंदिर ,जेवर एयर पोर्ट जैसी योजनाओं की बात करेंगे। बीजेपी को लग रहा है कि अयोध्या का राम मंदिर इस चुनाव में कारगर साबित होगा।
तीसरी रणनीति ये है कि योगी सरकार बड़े स्तर पर अपने विधायकों को मैदान में उतारेंगे और विकास की गंगा बहाने की बात करेंगे। जानकारी के मुताबिक इसके लिए कई तरह के उपाय भी किये जा रहे हैं खबर के मुताबिक हर विधायक और सांसद को विकास के नाम पर अधिक से अधिक कोष देने की बात भी हो रही है। सांसदों को पान करोड़ की राशि दी जानी है और विधायकों को तीन करोड़ की राशि। ये राशि शीघ्र योजनाओं को अंजाम देने के लिए दी जानी है।
चौथी योजन ये है कि चुनाव से ठीक 6 महीना पहले पूरे यूपी में बीजेपी के नेता ,कार्यकर्त्ता घर -घर जाएंगे और भगवा राजनीति की बात करेंगे। लोगों से मिलेंगे और वोट देने की मांग भी करेंगे। यूपी में बीजेपी का मुख्य मुकाबला सपा और बसपा से होना है। बीजेपी को पता है कि पिछले विधान सभा चुनाव में सपा से उसे काफी चुनौती मिली थी लेकिन लोकसभा चुनाव में ऐसी चुनौती नहीं हो। बीजेपी यह भी चाहती है कि भले ही दूसरे राज्य में बीजेपी के सामने चुनौती भारी है लेकिन यूपी को साध लिया गया तो बीजेपी की जीत निश्चित है।

