शिवरात्रि के अवसर पर देवघर में निकलने वाली बारात को लेकर जिला प्रशासन ने एक संकीर्ण रास्ता को छोड़कर अन्य जगहों पर धारा 144 लागू कर दिए जाने से लो काफी खफा है गोंडा के सांसद डॉ निशिकांत दुबे ने पत्रकार वार्ता में आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत इशारे पर देवघर डीसी शिव बारात को निकलने नहीं देना चाहते हैं उन्होंने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन शिव बारात में बाधा डालना चाहती है इसलिए उसने पूरे देवघर में 144 इस मामले में जिला प्रशासन से आर-पार की लड़ाई होगी।
झारखंड हाई कोर्ट में पीआईएल दाखिल
गोड्डा के सांसद निशिकांत दुबे ने बताया कि शिवरात्रि महोत्सव समिति के अध्यक्ष अभिषेक आनंद झा के साथ मिलकर प्रशासन के आदेश की तीन बिंदुओं पर आपत्ति जताते हुए हाईकोर्ट में पीआईएल कर दिया गया है,इसमें रूट लाइन धारा 144 और जिला प्रशासन की बैठक में जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित नहीं करने को लेकर हाईकोर्ट में पीआईएल दाखिल किया गया है ।16 फरवरी को ही हाईकोर्ट में इसकी सुनवाई की संभावना है।हाईकोर्ट के आदेश के बाद ही आगे की लड़ाई होगी। जरूरत पड़ी तो अपने घर के आस-पास ही आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे।पानी सिर से ऊपर उठ चुका है ।अब आर-पार की लड़ाई होगी समिति अब प्रशासन को कोई मदद नहीं करेगी।
जिला प्रशासन अपना रहा है तानाशाही रवैया
निशिकांत दुबे ने कहा कि प्रशासन की रूट लाइन संकीर्ण है। मेरी ही गाड़ी इस मार्ग पर 3 जगह फंस गई थी। समिति द्वारा जिला प्रशासन को बताई गई लूट चौड़ीऔर सुगम है, जबकि जिला प्रशासन की रूट में फब्बारा चौक ही तीन बार घूमना पड़ रहा है ।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का खतियान जोहार यात्रा और दुमका में जेएमएम के स्थापना दिवस पर तोरण द्वार पर प्रशासन और नगर निगम से कोई अनुमति नहीं ली गई थी, लेकिन देवघर में बाबा के शिव बारात के तोरण द्वार लगाने के लिए प्रशासन से अनुमति लेनी पड़ रही है। यह शिव की नगरी है यहां बाबा की अनुमति से नेक कार्य होते हैं। जिला प्रशासन तानाशाही रवैया एवं हिंदू विरोधी मानसिकता पेश कर रही है।
राजनीति से ऊपर है शिव बरात
गोड्डाके सांसद निशिकांत दुबे ने कहा की शिव बारात राजनीति से ऊपर है। इसमें आरजेडी, कांग्रेस समेत सभी पार्टियों के लोग शामिल हैं। शिव बारात वर्षों पुरानी है।देवघर के ब्रिटिश मजिस्ट्रेट मिस्टर कास्टर और मिस्टर विलियम्स ने अपनी किताब में 1890 व 1994 में भी शिव बारात होने का वर्णन है। हालांकि अब इस का स्वरूप काफी बदल गया है।पूर्व मेयर बबलू खवारे के अस्वस्थ होने के कारण इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए देवघर में पुरानी कमेटी के साथ नए लोग जुड़ कर इस वर्ष शिव बारात निकालने वाले हैं ।मैं इसमें केवल एक सांसद के तौर पर आर्थिक सहयोग एवं एक बाराती बनकर शामिल होने आया हूं।
अभिनेता संजय दत्त को मना करना पड़ा
बुद्धा के सांसद डॉ निशिकांत दुबे ने बताया कि जिला प्रशासन की तानाशाही रवैया के कारण शिव बारात में शामिल होने वाले अभिनेता संजय दत्त को देवघर आने से मना करना पड़ा। मना करने के बावजूद संजय दत्त देवघर आना चाह रहे थे लेकिन मैंने उन्हें रोक दिया है।सांसद ने कहा कि मैं नहीं चाहता कि जिला प्रशासन के इस रवैए का शिकार संजय दत्त को होना पड़े। प्रशासन जानबूझकर कोई केस दर्ज करा देना किसी बाराती में सांसद मनोज तिवारी भाग्यश्री एवं अक्षरा सिंह शामिल्कज

