बीरेंद्र कुमार झा
लोकसभा से बुधवार को ऐतिहासिक नारी शक्ति बंदन अधिनियम यानि महिला आरक्षण बिल पारित हो गया ।इस बिल का विभिन्न दलों ने समर्थन किया। बिल के पक्ष में 454 वोट पड़े जो की कुल संख्या का दो तिहाई आंकड़ा है ।वही दो सांसदों ने बिल के विरोध में वोटिंग की। नई संसद में पर्ची के जरिए वोटिंग हुआ।मोदी सरकार द्वारा बुलाए गए संसद के पांच दिनों के विशेष सत्र में केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इसे लोकसभा में पेश किया था। इसमें विधानसभाओं और लोकसभा में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीटों के रिजर्व करने का प्रावधान है।मोदी कैबिनेट से इस विधेयक को सोमवार को मंजूरी मिली थी जिसके बाद इसे विशेष सत्र के लिए दूसरे दिन सदन में लोकसभा में पेश किया गया था।
गुरुवार को राज्यसभा में होगा पेश
लोकसभा से पारित होने के बाद अब इस बिल को गुरुवार को राज्यसभा में पेश किया जाएगा और फिर इस पर चर्चा होगी। राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने सदन में इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा सदन में विभिन्न दलों के नेताओं के साथ विचार विमर्श के बाद यह तय किया गया कि संविधान का 128 वां संशोधन विधेयक 2023 पर बृहस्पतिवार को यहां चर्चा होगी।उन्होंने कहा कि लोकसभा में विधेयक के पारित होने के बाद इसे उच्च सदन में चर्चा एवं पारित किए जाने के लिए पेश किया जाएगा। इस विधेयक पर चर्चा के लिए साढे सात घंटे का समय तय किया गया है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रखा बीजेपी का पक्ष
इससे पहले महिला आरक्षण विधेयक पर लोकसभा में हुई चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक लाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मातृशक्ति को सम्मानित किया है। इसके पारित होने से नए युग की शुरुआत होगी। प्रधानमंत्री मोदी ने जी-20 में महिलाओं के नेतृत्व वाली प्रगति का दृष्टिकोण प्रस्तुत किया था।महिला सशक्तिकरण दूसरे दलों के लिए राजनीतिक मुद्दा होगा, लेकिन उनकी पार्टी और पीएम नरेंद्र मोदी के लिए यह राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि मान्यता का मामला है।
राहुल गांधी ने किया बिल का सशर्त समर्थन
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी बिल का समर्थन किया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि इसमें अन्य पिछले वर्गों (ओबीसी) की महिलाओं के लिए अलग-अलग आरक्षण का प्रावधान होना चाहिए, क्योंकि इसके बिना यह विधेयक अधूरा है। उन्होंने लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के लिए 33% सीट आरक्षित करने की प्रावधान वाले (संविधान का 128 वां संशोधन विधेयक 2023 ) पर निचले सदन में चर्चा में भाग लेते हुए सरकार से यह आग्रह अभी किया की इसे तत्काल जारी किया जाए। जनगणना तुरत कराई जाए और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के समय हुई जातीय जनगणना के आंकड़े जारी किये जाए।कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष जानबूझकर जातीय जनगणना की मांग से ध्यान भटकने का प्रयास कर रहा है।
जल्द से जल्द लागू किया जाए बिल
वहीं कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने बुधवार को सरकार से आग्रह किया कि नारी शक्ति बंधन विधेयक के कानून बनने के साथ ही इसे जल्द से जल्द लागू किया जाए ,क्योंकि इसे लागू करने में देरी भारत की महिलाओं के साथ घोर नाइंसाफी होगी।उन्होंने लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित करने के प्रावधान वाले (संविधान 128 वां संशोधन विधेयक 2023) का समर्थन किया और यह भी कहा कि जाति जनगणना कराकर इसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछले वर्गों ओबीसी की महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था की जाए ।विधायक पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष ने स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने में अपने पति और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के योगदान को याद किया और कहा कि महिला आरक्षण विधेयक के पारित होने से उनके दिवंगत पति का अधूरा सपना पूरा होगा।
स्मृति ईरानी ने सोनिया पर साधा परोक्ष निशाना
चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने महिला आरक्षण विधेयक को अपना विधायक बताने के कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी के दावे पर परोक्ष निशाना साधते हुए बुधवार को लोकसभा में कहां की कुछ लोग इस विधेयक को अपना बताकर श्रेय लेने का प्रयास कर रहे हैं। भाजपा नेता ईरानी ने महिला आरक्षण से संबंधित (संविधान 128 वां संशोधन विधेयक 2023) पर निचले सदन में चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि विपक्ष देशवासियों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा है।उन्होंने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष का नाम लिए बिना कहा कि सदन में कहा गया कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार ने 2010 में विधेयक पेश किया था।उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सफलता के कई रहनुमा होते हैं, लेकिन विफलता का कोई नाम लेने वाला नहीं होता है, इसलिए जब विधेयक लाया गया तो कुछ लोगों ने इसे अपना विधेयक बताया।

