बीरेंद्र कुमार झा
संसद का मानसून सत्र गुरुवार से शुरू हो रहा है। इस सत्र में मोदी सरकार ने 31 विधेयकों को पेश करने की तैयारी की है। इसमें पहले नंबर पर दिल्ली की शासन व्यवस्था से जुड़े विधेयक को रखा गया है। इसे लेकर आम आदमी पार्टी हमलावर है और देश भर में विपक्ष से समर्थन की अपील कर रही है। आम आदमी पार्टी को उम्मीद है कि राज्यसभा में वह इस बिल को रोक पाएगी,जहां बीजेपी अपने दम पर बहुमत में नहीं है। कांग्रेस, एनसीपी समेत कई दलों ने इस विधेयक के विरोध का ऐलान किया है, जबकि बीजेडी और वाईएसआर कांग्रेस जैसे दलों ने अपने पत्ते अभी नहीं खोले हैं।माना जा रहा है कि अगर बीजेपी के साथ ये दल चले चाहते हैं तो फिर राज्य सभा से भी यह विधेयक पास हो जाएगा।
मानसून सत्र में होगी 17 बैठकें
लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार मानसून सत्र के दौरान 31विधेयक लाए जाने का प्रस्ताव है।मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा और 11 अगस्त तक चलेगा।इस दौरान संसद के दोनों सदनों की कुल 17 बैठकें होनी है।संसद के गुरुवार से शुरू होने जा रहे मानसून सत्र में सुचारू कामकाज के लिए चर्चा करने को लेकर केंद्र सरकार ने बुधवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई थी,जिसमें दोनों सदनों में सभी राजनीतिक दलों के नेताओं ने भाग लिया।
17 वीं संसद के 12वें सत्र के लिए विधायी कामकाज बताने वाली एक अस्थायी सूची से पता चलता है कि सरकार 31नए विधेयक पेश करने की योजना बना रही है। इसमें डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण विधेयक 2023, औषधि,चिकित्सा उपकरण और सौंदर्य प्रसाधन विधेयक 2023, जन्म और मृत्यु पंजीकरण(संशोधन) विधेयक 2023,प्रेस और आवाधिक पंजीकरण विधेयक 2023,खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक2023 ,सिनेमैटोग्राफ संशोधन विधेयक 2023,अधिवक्ता संशोधन विधेयक 2023आदि शामिल है।

