चुनाव से पहले अपनी पार्टी के दो पूर्व प्रधानमंत्री को मणिशंकर अय्यर ने घेरा, राजीव गांधी की भूल का भी किया जिक्र

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बीरेंद्र कुमार झा

कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर ने आत्मकथा मेमोरीज ऑफ़ द मावेरिक द फर्स्ट 50 ईयर्स (1941 ,- 1991 ) में कांग्रेस के दो प्रधानमंत्री पर कई खुलासे किए हैं। 2024 के आम चुनाव से पहले मणि शंकर अय्यर के खुलासे कांग्रेस के लिए परेशानी बढ़ा सकते हैं।मणि शंकर अय्यर ने बुधवार को आरोप लगाया कि पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव सांप्रदायिक सोच वाले व्यक्ति थे। मणिशंकर अय्यर ने नरसिम्हा राव को देश में बीजेपी का पहला प्रधानमंत्री बताया।

सर्जिकल स्ट्राइक की ताकत लेकिन पाकिस्तान के साथ बैठकर बात करने की ताकत नहीं

मणि शंकर अय्यर की आत्मकथा मेंबर्स ऑफ़ मेमोरी द फर्स्ट 50 ईयर्स (1941 1991) सोमवार को ही बाजार में आई है। उन्होंने पाकिस्तान के साथ वार्ता बहाल करने की पैरवी करते हुए कहा कि जब पड़ोसी देश की बात आती है तो हमारे पास उनके खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक करने का साहस होता है, लेकिन हमारे पास उनके साथ बैठने तथा किसी पाकिस्तानी से बात करने की हिम्मत नहीं होती है।

अटल बिहारी वाजपेई नहीं, नरसिम्हा राव थे बीजेपी के पहले प्रधानमंत्री

जगरनौट बुक्स द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक में अय्यर के दून स्कूल से लेकर सेंट स्टीफन कॉलेज और कैंब्रिज विश्वविद्यालय तक तथा एक शीर्ष राजनीतिक से लेकर तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के करीबी सहयोगी तक के सफर को कलमबद किया गया है। किताब के औपचारिक विमोचन पर वरिष्ठ पत्रकार वीर सांगवी के साथ बातचीत में अय्यर ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी से अपने रिश्ते से लेकर दिसंबर 1978 से जनवरी 1982 के बीच कराची में महा वाणिज्य दूत के अपने कार्यकाल के बारे में चर्चा की। अय्यर 1985 से 1989 तक राजीव गांधी के पीएमओ का हिस्सा थे।

पुस्तक विमोचन के इस मौके पर कांग्रेस नेता और राजीव गांधी की पत्नी सोनिया गांधी भी वहां मौजूद रहीं। प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान जब उनसे बाबरी मस्जिद मुद्दे को लेकर राजीव गांधी की उनकी आलोचना के बारे में सवाल किया गया तो अय्यर ने कहा कि मुझे लगता है कि राम मंदिर का शिलान्यास करना गलत था। किताब के विमोचन के मौके पर की गई टिप्पणियों में अय्यर ने कहा कि उन्हें एहसास हो गया था कि पीवी नरसिम्हा राव कितने सांप्रदायिक और हिंदूवादी थे। अय्यर ने अपनी राम रहीम यात्रा के संदर्भ में कहां की नरसिम्हा राव ने मुझे बताया कि उन्हें मेरी यात्रा से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन वह धर्मनिरपेक्षता की मेरी परिभाषा से और असहमत थे।मैंने उनसे पूछा कि धर्मनिरपेक्षता की मेरी परिभाषा में क्या गलत है?उसपर उन्होंने कहा कि मणि ऐसा लगता है कि आप नहीं समझते हैं कि यह एक हिंदू राष्ट्र है।उनके ऐसा कहते ही मैं अपनी कुर्सी पर बैठ गया और कहा कि बीजेपी भी यही कहती है। अय्यर ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के पहले प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई नहीं थे, बल्कि नरसिम्हा राव बीजेपी के पहले प्रधानमंत्री थे।

राजीव गांधी नहीं करते थे इन पर विश्वास

मणि शंकर अय्यर ने कहा कि मेरी समस्या यह थी कि मैं राजीव गांधी का विश्वासपात्र नहीं था। वास्तव में मुझे लगता है कि वह सोचते थे कि मैं राजनीतिक रूप से अनुभवहीन हूं ।उन्होंने कभी भी मुझसे किसी मुद्दे पर सलाह नहीं ली। राजनयिक से राजनेता बने अय्यर ने बताया कि वह अगले संस्करणों में राजीव गांधी से जुड़े बोफोर्स और शाहबानो मामले जैसे विवादास्पद मुद्दे का जिक्र करेंगे।

 

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