ममता ने दी बीजेपी को चुनौती ,कहा 400 की जगह 200 सीट जीतकर दिखाए बीजेपी !

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न्यूज़ डेस्क 
जनता किसे वोट डालेगी और किसे सत्ता तक पहुंचाएगी यह तो जनता का निर्णय हो होगा लेकिन चुनावी पार्टियां सबसे ज्यादा सीटें जीतने का दम्भ तो भर्ती ही है। बीजेपी की तरफ से बार -बार यही कहा जा रहा है कि अबकी बार चार सौ पार। विपक्ष वाले भी पूछ रहे हैं कि आखिर बीजेपी को चार सौ पार का नारा गढ़ने की ताकत कहाँ से मिली ? फिर सवाल यह भी है कि आखिर बीजेपी किस आधार पर यह नारा लगा रही है ? जानकार यह कह रहे हैं कि बीजेपी को लग रहा है कि पूरा देश राममय हो चुका है और पीएम मोदी देश के मन में बैठ गए हैं इसलिए पूरा देश इस बार बीजेपी को ही वोट डालेगा।     

उधर इंडिया गठबंधन की नेता और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी पर बड़ा हमला किया है और कहा है कि बीजेपी चार सौ सीट जीतने का दावा करती है लेकिन उसे दो सीट भी मिल जाए तो बड़ी बात होगी। कुछ इस तरह की बात रामलीला मैदान की रैली में राहुल गाँधी भी कह रहे थे। राहुल ने तो बीजेपी को 180 सीट मिलने की ही बात कह रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई और तंत्र सफल होगा तभी बीजेपी को उसके मुताबिक सीटें मिल सकती है।   

ममता बनर्जी ने बीजेपी के लोकसभा चुनाव में 400 से अधिक सीट जीतने के लक्ष्य का मखौल उड़ाते हुए कहा कि वे बीजेपी को 200 सीट का आंकड़ा पार करने की चुनौती देती हैं। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि वह नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को पश्चिम बंगाल में लागू होने नहीं देंगी। उन्होंने लोगों को आगाह किया कि सीएए के लिए आवेदन करने वाला व्यक्ति विदेशी बन जाएगा। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने लोगों से इसके लिए आवेदन न करने का अनुरोध किया।

तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने कृष्णानगर इलाके में टीएमसी उम्मीदवार महुआ मोइत्रा के लिए चुनाव प्रचार करते हुए कहा, ‘‘बीजेपी कह रही है ‘400 पार’, मैं उन्हें पहले 200 सीट का आंकड़ा पार करने की चुनौती देती हूं। वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने 200 से अधिक सीट लाने का आह्वान किया था, लेकिन उसे महज 77 पर रुकना पड़ा। इन 77 सीटों पर जीतने वाले कुछ लोग हमारे साथ आ गए हैं।’’

 बीजेपी को ‘जुमला’ पार्टी बताते हुए तृणमूल सुप्रीमो ने उन पर सीएए के संबंध में ‘‘झूठ फैलाने’’ का आरोप लगाया और कहा, ‘‘सीएए पर मोदी की गारंटी शून्य गारंटी है।’’

इसी महीने चोट लगने से घायल होने के बाद ममता बनर्जी की यह पहली सार्वजनिक रैली थी। उन्होंने कहा, ‘‘सीएए वैध नागरिकों को विदेशी बनाने का जाल है। एक बार आप सीएए लागू कर देंगे तो उसके बाद राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर लागू होगा। हम पश्चिम बंगाल में न तो सीएए और न ही एनआरसी को लागू होने देंगे। केंद्र सरकार के झूठे वादे के जाल में न फंसे। अगर आप आवेदन करेंगे तो आपको पांच साल के लिए विदेशी ठहरा दिया जाएगा।’’

दावा किया जा रहा है कि सीएए के लागू होने से मतुआ समुदाय को सबसे अधिक फायदा मिलने की उम्मीद है। ममता ने इस समुदाय से उन पर विश्वास करने का अनुरोध करते हुए कहा कि वह कभी ‘‘किसी को भी आपकी नागरिकता छीनने’’ नहीं देंगी। उन्होंने कहा, ‘‘मतुआ लोग, कृपया मुझ पर भरोसा रखिए। मैं किसी को भी आपकी नागरिकता छीनने नहीं दूंगी। क्या आप यह चाहते हैं या शांतिपूर्वक जीना चाहते हैं? सीएए के जरिए वे आपसे सबकुछ छीन लेंगे और आपको निरुद्ध केंद्र में रखेंगे।’’

मूल रूप से पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) के रहने वाले मतुआ लोग हिंदुओं का एक कमजोर वर्ग है जो धार्मिक उत्पीड़न के कारण विभाजन के दौरान और बांग्लादेश की स्थापना के बाद भारत में विस्थापित हुआ। नब्बे के दशक से राजनीतिक दलों को मतुआ वर्ग का समर्थन प्राप्त हुआ है जिनकी अच्छी-खासी आबादी और एकजुट होकर वोट करने की प्रवृत्ति उन्हें अल्पसंख्यक समूहों की तरह एक अहम मतदाता वर्ग बनाती है

 बीजेपी के खिलाफ लड़ाई में मोइत्रा की तारीफ करते हुए ममता ने कहा, ‘‘आप लोगों (मतदाताओं) द्वारा निर्वाचित होने के बावजूद महुआ मोइत्रा को असंवैधानिक तरीके से निष्कासित कर दिया गया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने उन्हें इस सीट से पुन: नामांकित किया है। महुआ को इसलिए निष्काासित किया गया क्योंकि वह संसद में बीजेपी के खिलाफ सबसे मुखर नेता थीं। आप लोगों को रिकॉर्ड मतों के अंतर से उनकी जीत सुनिश्चित करनी होगी।’’

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