बीरेंद्र कुमार झा
महाराष्ट्र के रायगढ़ में आधी रात एक बड़ा हादसा हो गया।यहां खालापुर तहसील के 1 गांव इरसालवाड़ी में भारी भूस्खलन की वजह से कम से कम 60 घर तबाह हो गए और सैकड़ों लोग इसमें फंस गए।अब तक की जानकारी के मुताबिक 21 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जबकि चार की मौत हो गई है। महाराष्ट्र में हो रही भारी बारिश के बीच यह बड़ा हादसा हुआ है।जानकारी के मुताबिक एनडीआरएफ की टीमें मौके पर मौजूद हैं। हालांकि हादसा इतना बड़ा है कि जिला प्रशासन ने एनजीओ से भी मदद मांगी है। यह भूस्खलन नवी मुंबई से पीने का पानी सप्लाई करने वाले मोरबे बांध से लगभग 6 किलोमीटर दूर स्थित एक बस्ती में हुआ है।
बस्ती का 90 % हिस्सा मलबे में दबा
रायगढ़ के डीएम योगी योगेश म्हासे के अनुसार के अनुसार यह घटना आधी रात हुई और 60 घर भूस्खलन की चपेट में आ गए। बताया जा रहा है कि बस्ती का 90% हिस्सा मलबे में दब गया है। उन्होंने कहा कि इस इलाके में राहत और बचाव के काम में बेहद मुश्किलें आ रही हैं।मौके पर पहुंचने के लिए काफी चढ़ाई करनी पड़ती है।
रायगढ़ के एसपी सोमनाथ घारगे के अनुसार पनवेल और नवी मुंबई के सभी अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है। ताकि घायलों का तुरंत इलाज करवाया जा सके। कोंकण डिविजनल कमिश्नर महेंद्र कल्याणकर ने बताया कि एनडीआरएफ की दो टीमों को तत्काल भेजा गया है। लेकिन राहत और बचाव के काम में मुश्किलें आ रही है।इस इलाके में अभी भी भारी बारिश हो रही है।
बारिश के वजह से राहत और बचाव के काम में आ रही है मुश्किल
इस घटना के बाद राहत, बचाव और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्पेशल ड्यूटी पर दो वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया गया है।4 एंबुलेंस ग्रामीण स्वास्थ्य कार्य के लिए तैनात की गई है। एक अधिकारी का दावा है कि इस बस्ती में लगभग 50 परिवार रहते थे जो सब इस भूस्खलन की चपेट में आ गए हैं ।गौरतलब है कि मौसम विभाग ने आज भी मुंबई में भारी बारिश की भविष्यवाणी की है। इसके अलावा महाराष्ट्र के 10 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि मुंबई और आसपास के इलाकों में कम से कम 7 दिनों तक बारिश जारी रहेगी।रायगढ़ जिले में भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।बारिश की वजह से राहत और बचाव के काम में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

