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क्या मुस्लिम वोटर्स CM ममता बनर्जी से बना रहे हैं दूरी, सागरदिघी उपचुनाव से मुस्लिमों के नाराज होने के मिले संकेत

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विकास कुमार
पश्चिम बंगाल में मुस्लिम वोटर धीरे धीरे ममता बनर्जी से दूरी बनाने लगे हैं। मार्च 2023 में सागरदिघी सीट पर हुए उपचुनाव में इसके साफ संकेत मिले। क्योंकि सागरदिघी में 64 फीसदी मुस्लिम आबादी है लेकिन यहां टीएमसी को हार का सामना करना पड़ा। मुस्लिम बहुल भांगड़ में पंचायत चुनाव में टीएमसी के सामने नई पार्टी आईएसएफ ने 43 सीटें जीत ली। मुस्लिम बहुल बालीगंज में उपचुनाव में टीएमसी जीत तो गई, लेकिन जीत का मार्जिन 20 फीसदी कम हो गया। इन नतीजों से ये अनुमान लगाया जा रहा है कि मुस्लिम वोटर्स ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस से दूर हो रहे हैं। चौबीस साउथ परगना जिले के भांगड़ में मुस्लिम वोटर्स बड़ी संख्या में अब्बास सिद्दकी की पार्टी इंडियन सेकुलर फ्रंट से जुड़ रहे हैं। यहां लोगों को मानना है कि टीएमसी ने उनका केवल इस्तेमाल किया है।

भांगड़ में टीएमसी ने आईएसएफ को रोकने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी, इसलिए एग्रेसिव कैंपेन के दौरान हुई हिंसा में तीन लोग मारे गए थे। अब साफ संकेत मिल रहे हैं कि पश्चिम बंगाल में मुस्लिम मतदाता ममता बनर्जी से दूर हो रहे हैं।

  • सागरदिघी में हुए उपचुनाव में टीएमसी को मिली हार
  • सागरदिघी में टीएमसी को 22,980 वोट से मिली हार
  • पंचायत चुनाव में भांगड़,हुगली,पूर्वी वर्दमान और मालदा में हारी टीएमसी
  • बालीगंज सीट पर टीएमसी की जीत का मार्जिन 20 फीसदी घटा

बंगाल में बीते दो साल में ऐसी कई घटनाएं हुई हैं। जो बताती हैं कि मुस्लिम वोटर दूसरी पार्टियों की ओर शिफ्ट हो रहे हैं। ये ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के लिए खतरे का संकेत है। टीएमसी ने 2021 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को बुरी तरह से हराया था। टीएमसी की इस जीत की वजह 27 फीसदी मुस्लिम वोटर भी थे,लेकिन मुर्शिदाबाद की सागरदिघी सीट पर टीएमसी की हार और कांग्रेस की जीत से हवा के रूख के बदलने का संकेत मिल रहा है। कांग्रेस कैंडिडेट बायरन बिस्वास ने 23 हजार वोट से ये चुनाव जीता था। हालांकि, नतीजों के कुछ महीने बाद ही बायरन बिस्वास टीएमसी में शामिल हो गए। सागरदिघी में मिली हार के बाद ममता बनर्जी ने एक्शन लिया। उन्होंने हार की समीक्षा के लिए अल्पसंख्यक मंत्रियों की एक कमेटी बनाई थी। साथ ही अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष को हटा दिया था।

ममता बनर्जी विपक्षी इंडिया गठबंधन में शामिल हो गईं हैं,उनका इरादा पश्चिम बंगाल में कांग्रेस और लेफ्ट को सीटें छोड़ने के लिए राजी करना है। अगर वह ऐसा कर सकीं तो मुस्लिम वोटर्स बीजेपी को हराने के लिए टीएमसी को वोट देने के लिए मजबूर होंगे। इसलिए ममता बनर्जी ने विपक्षी गठबंधन को अपना नया हथियार बना लिया है।

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