Homeदेशजानिए  जी -20 दिल्ली डिक्लेरेशन का सच !

जानिए  जी -20 दिल्ली डिक्लेरेशन का सच !

Published on


नई डेस्क 

जी 20 दिल्ली डिक्लेरेशन यानी दिल्ली घोषणा पत्र। इस पर सभी सदस्य देशों की आम सहमति बन गई है। जानकारी के मुताबिक इस घोषणा पत्र पर सहमति बनाने के लिए कई तरह के प्रयास किये गए और कई मामलों को निपटाया भी गया। कई ऐसे मुद्दे थे जिसे निपटाए  वगैर इस घोषणा पत्र पर सहमति नहीं बन सकती थी। रूस का नाम मसौदे से हटा कर दिल्ली घोषणा पत्र पर सहमति बनाई गई है। गौरतलब है कि रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद हुए पहले जी-20 सम्मेलन में पिछले साल इंडोनेशिया में रूस और चीन ने बाली घोषणापत्र से अपने को अलग कर लिया था और उसमें उन दोनों देशों की लिखित अहसमति को शामिल किया गया है। उसमें रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर रूस की तीखी आलोचना की गई थी। भारत में भी इसे लेकर लंबी जद्दोजहद हुई, जिसके बाद रूस का नाम घोषणापत्र से हटा दिया गया और तब सहमति बन गई।       
           प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी-20 शिखर सम्मेलन के पहले दिन शनिवार को दिल्ली घोषणा पत्र पर सहमति बनने का ऐलान किया। शनिवार को लंच ब्रेक के बाद दूसरी सत्र की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी ने मेहमान देशों के राष्ट्र प्रमुखों को संबोधित करते हुए कहा कि नई दिल्ली जी-20 डिक्लेरेशन पर सहमति बन गई है। इसके आगे प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- मैं चाहता हूं कि इस डिक्लेरेशन को एडॉप्ट कर लिया जाए। यह बोलने के कुछ ही पल बाद उन्होंने ऐलान किया कि दिल्ली घोषणा पत्र को एडाप्ट कर लिया गया है।
                  बता दें कि जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए भारत के शेरपा अमिताभ कांत ने बताया कि दो सौ घंटे तक सदस्य देशों के बीच इस मसौदे पर चर्चा हुई। इसके बाद सभी सदस्य देशों ने न्यू दिल्ली लीडर्स समिट डेक्लरेशन यानी दिल्ली घोषणापत्र को मंजूरी दे दी। इसके बाद इस घोषणा पत्र को स्वीकार कर लिया गया। 37 पन्नों के इस घोषणा पत्र में आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा की गई है।  इसमें कुल 83 पैराग्राफ हैं। इसमें यूक्रेन का चार बार जिक्र हुआ है, लेकिन एक बार भी रूस का नाम नहीं लिया गया है। इसमें आतंकवाद का जिक्र किया गया है और कहा गया है कि परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की बात कतई स्वीकार्य नहीं होगी।
                      प्रधानमंत्री मोदी ने इस पर आम सहमति बनने की घोषणा करते हुए शनिवार को कहा कि इसे आम सहमति से अपनाया गया है। इस घोषणापत्र की शुरुआत ‘हम एक पृथ्वी, एक परिवार हैं और हमारा भविष्य एक है’ से हुई है। इसमें कहा गया है- यूक्रेन में युद्ध को लेकर हमने बाली में भी चर्चा की थी, हम अपने देश के रुख पर कायम हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और संयुक्त राष्ट्र महासभा में जो प्रस्ताव अपनाए गए, उसके हिसाब से ही सभी देशों को यूएन चार्टर के सिद्धांतों के अनुकूल लगातार काम करना होगा।
                       इस घोषणापत्र में कहा गया है- यूएन चार्टर के हिसाब से सभी देशों को धमकी देने से बचना चाहिए या किसी भी देश की क्षेत्रीय अखंडता, संप्रभुता या राजनीतिक स्वतंत्रता के खिलाफ उसके किसी भूभाग पर कब्जे के लिए ताकत के इस्तेमाल से बचना चाहिए। इसमें कहा गया है कि धमकी या परमाणु हथियारों का इस्तेमाल अस्वीकार्य है। रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर एक तरफ अमेरिका और पश्चिमी देशों का दबाव था तो दूसरी ओर रूस और चीन का दबाव थ। इस वजह से भू-राजनीति के पैराग्राफ में बदलाव करके आम सहमति बनाई गई। इसमें कहा गया है कि सभी देश सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल पर काम करेंगे। भारत की पहल पर वन फ्यूचर अलायंस बनाने की बात भी कही गई है।

Latest articles

पलटी मार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पलटकर भी एनडीए में रहने को मजबूर

नीतीश कुमार पलटी मार मुख्यमंत्री के रूप में प्रसिद्ध है। अबतक की अपनी हर...

इसराइल के साथ मिलकर हमला कर क्या ड्रम खुद के उन्हें जाल में फंसे लगे हैं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जब से दूसरी बार अमेरिका के राष्ट्रपति बने हैं,तब से...

LPG सिलेंडर vs Induction Cooktop: किस पर खाना बनाना है सबसे सस्ता?

सिलेंडर की किल्लत की खबरों के बीच इंडक्शन चूल्हें की डिमांड अचानक बढ़ गई...

डायबिटीज सिर्फ शुगर लेवल नहीं,पैरों से भी देती है दस्तक;इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

  डायबिटीज की बात आते ही लोगों के मन में सबसे पहले हाई ब्लड शुगर,...

More like this

पलटी मार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पलटकर भी एनडीए में रहने को मजबूर

नीतीश कुमार पलटी मार मुख्यमंत्री के रूप में प्रसिद्ध है। अबतक की अपनी हर...

इसराइल के साथ मिलकर हमला कर क्या ड्रम खुद के उन्हें जाल में फंसे लगे हैं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जब से दूसरी बार अमेरिका के राष्ट्रपति बने हैं,तब से...

LPG सिलेंडर vs Induction Cooktop: किस पर खाना बनाना है सबसे सस्ता?

सिलेंडर की किल्लत की खबरों के बीच इंडक्शन चूल्हें की डिमांड अचानक बढ़ गई...