खड़गे का बड़ा बयान: विपक्षी पार्टियों के गठबंधन का नेतृत्व कांग्रेस करेगी

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न्यूज़ डेस्क
नागालैंड में चनावी प्रचार के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी अन्य दलों से बातचीत कर रही है और आने वाले लोकसभा चुनावों में गठबंधन का नेतृत्व कांग्रेस पार्टी द्वारा किया जाएगा। मल्लिकार्जुन खड़गे का यह बयान रायपुर में होने वाले कांग्रेस के अधिवेशन से पहले आया है। रायपुर में कांग्रेस विपक्षी एकता के प्रति अपना रुख स्पष्ट कर सकती है।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने दावा किया कि अगले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार सत्ता में आएगी। उन्होंने कहा कि 2024 में गठबंधन सरकार केंद्र में आएगी। कांग्रेस नेतृत्व करेगी। हम अन्य दलों से बात कर रहे हैं। हम हर दल से बात कर रहे हैं, हम 2024 में जीतने के लिए अपने विचार साझा कर रहे हैं। इसलिए बीजेपी को बहुमत नहीं मिलेगा। हम संविधान का पालन करेंगे । हम लोकतंत्र का पालन करेंगे।

चुनावी सभा में खड़गे ने बीजेपी पर जबरदस्त प्रहार किया। उन्होंने भाजपा पर कर्नाटक, मणिपुर, गोवा और मध्य प्रदेश में विधायकों पर दबाव डालकर सरकार गिराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक तरफ आप लोकतंत्र और संविधान की बात करते हैं और दूसरी तरफ आपके काम अलोकतांत्रिक हैं। आप संविधान का पालन नहीं कर रहे हैं और आप लोकतंत्र के नियमों से नहीं चल रहे हैं। मोदी ने कई बार कहा है, ‘मैं अकेला आदमी हूं जो देश का सामना कर सकता हूं, कोई अन्य लोग मुझे छू नहीं सकते’, वो यह गर्व से कहते हैं। कोई भी लोकतांत्रिक व्यक्ति इस तरह की बात नहीं कर सकता। आपको याद रखना चाहिए कि आप लोकतंत्र में हैं। आपको निरंकुश नहीं होना चाहिए, आप तानाशाह नहीं हो। आप लोगों द्वारा चुने गए हैं और जनता आपको 2024 में सबक सिखाएगी।”

खड़गे के इस बयान के कई मायने लगाए जा रहे हैं। पिछले दिनों नीतीश कुमार ने कहा था कि विपक्षी एकता जरुरी है। अगर कांग्रेस एकता के लिए आगे आती है तो बीजेपी को सौ सीटों पर घेर लिया जा सकता है। हालांकि नीतीश कुमार ने यह भी साफ़ किया था कि वे पीएम उम्मीदवार नहीं है। वे केवल बीजेपी को परास्त करना चाहते है और ऐसा संभव है। लेकिन इसके लिए सबको एक साथ आने की जरूरत है।

बता दें कि देश की हर विपक्षी पार्टियां विपक्षी एकता की बात तो कर रही है लेकिन इन पार्टियों के भीतर काफी विरोधाभाष भी है। पीएम उम्मीदवारी को लेकर कई चेहरे हैं और सबके अपने खेल भी। केसीआर की अपनी राजनीति है और वह गैर कांग्रेस एकता की बात करती है। यही हाल केजरीवाल की भी है। उधर अखिलेश यादव की अपनी कहानी है। ऐसे में कांग्रेस अध्यक्ष का हालिया बयान बड़े मायने रखते हैं। अब जब खड़गे कह ही रहे हैं कि विपक्षी एकता का नेतृत्व कांग्रेस करेगी तो साफ़ है कि यूपीए का दायरा बढ़ाया जाएगा और इस फोल्ड में जितनी पार्टियां आ सकती है उसके साथ ही आगे की राजनीति की जाएगी।

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