बीरेंद्र कुमार झा
INDIA यानी इंडियन नेशनल डेवलपमेंट इंक्लूसिव एलाइंस विपक्षी दलों की बैठक के दौरान मंगलवार को इस नाम पर मुहर लग गई।इसके साथ ही माहौल तैयार हो गया कि 2024 की चुनावी जंग एनडीए बनाम इंडिया गठबंधन के बीच होने वाली है, हालांकि खबरें आई थी कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत कुछ और नेताओं को विपक्षी गठबंधन के प्रस्तावित नाम के कुछ हिस्से से आपत्ति थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार राहुल गांधी की तरफ से यह नाम सुझाया गया था, जिसे बैठक में सभी के सामने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रखा था। इस घटनाक्रम को कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के बीच जुगलबंदी का नया दौर भी माना जा रहा है।
नीतीश कुमार समेत कुछ अन्य नेताओं का इसपर सवाल
टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी की तरफ से नाम सभी के सामने रखा गया और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्चे खरगे ने चर्चा की शुरुआत की। इस दौरान अक्षर डी को लेकर डेमोक्रेसी और डेवलपमेंट पर लंबा मंथन भी हुआ। प्राप्त जानकारी के अनुसार नीतीश कुमार ने सवाल उठाया कि गठबंधन का नाम इंडिया कैसे हो सकता है।वहीं वाम नेता सीताराम येचुरी,डी राजा जी देवराजन भी शुरुआत में इस नाम से सहमत नहीं हुए थे।
केजरीवाल ने उठाया बड़ा मुद्दा
प्राप्त जानकारी के अनुसार दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल इस नाम से ज्यादा सीट शेयरिंग में दिलचस्पी लेते नजर आए। उन्होंने कहा गठबंधन को नाम देने से ज्यादा जरूरी सीटों का बंटवारा है। केजरीवाल के साथ ही सीताराम येचुरी ने भी सीटों के बंटवारे को अहम मुद्दा बताया। उन्होंने पश्चिम बंगाल का उदाहरण भी दिया जहां वामदलों की मौजूदगी है।
इन नामों का भी आया सुझाव
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार विपक्षी दलों की मीटिंग के दौरान इंडिया के अलावा सेव इंडिया एलायंस, सेकुलर इंडिया एलायंस इंडियन पीपुल्स फॉर इंडिय,प्रोग्रेसिव पीपल्स एलायंस ऐसे नामों का भी प्रस्ताव दिया गया।सीताराम येचुरी की तरफ से वी विक्टर फॉर इंडिया या वी we फॉर इंडिया का सुझाव दिया गया। लेकिन कई नेताओं का मानना था कि यह चुनाव की तरह लग रहे हैं।
जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी नेता महबूबा मुफ्ती ने भारत जोड़ो अलायंस का सुझाव सुझाव दिया।उन्होंने इसके तार राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा से जोड़े ।इधर शिवसेना (,उद्धव बाला साहब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सुझाव दिया कि टैगलाइन हिंदी में होना चाहिए। खबर है कि विपक्षी दल ‘ जीतेगा भारत ‘ पर सहमति बना सकते हैं।

