भारत में फैटी लिवर बीमारी तेजी से बढ़ रही है और इसे डॉक्टर अब एक साइलेंट किलर मान रहे हैं। 2021 की एक स्टडी के मुताबिक करीब 39 फीसदी एडल्ट इससे प्रभावित हैं। भले ही लिवर शरीर के अंदर गहराई में होता है, लेकिन एक्सपर्ट का कहना है कि इसके बिगड़ने के संकेत अक्सर चेहरे पर साफ दिखने लगते हैं।
एक्सपर्ट के मुताबिक, चेहरा शरीर के अंदर चल रहे मेटाबॉलिक स्ट्रेस का शुरुआती संकेत बन सकता है। लिवर हार्मोन, टॉक्सिन और न्यूट्रिशयन तत्वों को नियंत्रित करता है, इसलिए इसकी गड़बड़ी त्वचा और नसों में बदलाव के रूप में सामने आती है।
एक्सपर्ट्स ने चेहरे पर दिखने वाले ऐसे संकेत बताए हैं, जो फैटी लिवर की चेतावनी हो सकते हैं। इन लक्षणों को समय रहते पहचान लिया जाए, तो सिरोसिस या लिवर फेल्योर जैसी गंभीर स्थिति से बचाव संभव है।
फैटी लिवर का सबसे आम संकेत आंखों या चेहरे पर हल्का पीलापन होना है, जिसे पीलिया कहा जाता है. एक्सपर्ट बताते हैं कि जब लिवर बिलीरुबिन को सही तरीके से प्रोसेस नहीं कर पाता, तो आंखों की सफेदी या चेहरे पर पीलापन दिखने लगता है।
अगर चेहरे और आंखों के नीचे लगातार सूजन या फूला हुआपन बना रहता है, तो यह सिर्फ नींद की कमी नहीं हो सकती। फैटी लिवर में शरीर में फ्लूइड रिटेंशन होने लगता है, जिससे चेहरे पर सूजन दिखती है।
अचानक होने वाले पिंपल्स, खासकर जबड़े, गाल या माथे पर, फैटी लिवर से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकते हैं। डॉ. के मुताबिक, लिवर जब टॉक्सिन और हार्मोन को ठीक से बैलेंस नहीं कर पाता, तो ऑयल ग्लैंड्स ज्यादा एक्टिव हो जाती हैं और मुंहासे बढ़ने लगते हैं।
चेहरे पर लाल-लाल जाली जैसी नसें या रोजेशिया जैसा लालपन भी लिवर की खराब हालत का संकेत हो सकता है। डॉ बताते हैं कि ये फैली हुई सेल्स की वजह से होता है, जबकि अन्य एक्सपर्ट के अनुसार हार्मोनल असंतुलन के कारण चेहरे पर ब्लड फ्लो बढ़ जाता है।
इसके अलावा चेहरे की चमक कम होना, खुजली, रूखापन या धब्बेदार त्वचा भी फैटी लिवर से जुड़ी हो सकती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अच्छी बात यह है कि शुरुआती दौर में फैटी लिवर को पलटा जा सकता है। वजन में 5 से 10 फीसदी की कमी, हेल्दी डाइट, रोजाना वॉक और समय पर जांच से लिवर की सेहत में बड़ा सुधार संभव है।
