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क्या जो बाइडेन की वजह से पुतिन भारत नहीं आ रहे हैं ?

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न्यूज़ डेस्क

जी 20 की दिल्ली बैठक में रूसी राष्ट्रपति दिल्ली नहीं आ रहे  हैं। क्रेमलिन प्रवक्ता दमित्री पेसकोव ने मास्को में मीडिया को कहा है कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन भारत की यात्रा की योजना नहीं बना रहे हैं। पेसकोव ने कहा कि अभी हमारा मुख्य फोकस यूक्रेन में विशेष सैन्य अभियान चलाने पर है। लेकिन जानकार यह मान रहे हैं कि पुतिन का यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन के भारत आने के कारण लिया गया है।
              जी20 शिखर सम्मेलन अगले महीने 9-10 सितंबर को दिल्ली में होने वाला है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने शिखर सम्मेलन में अपनी भागीदारी की पुष्टि की है और वह 7 से 10 सितंबर के बीच राष्ट्रीय राजधानी में रहेंगे। बाइडेन का कार्यक्रम तय होने के बाद सम्मेलन में पुतिन के शामिल होने को लेकर आशंकाएं जताई जा रही थीं, जो अब सही साबित हुई हैं।
              बता दें कि रूस और यूक्रेन में युद्ध छिड़ने के बाद से ही रूस और अमेरिका के संबंध तनाव चरम पर पहुंच गए हैं। युद्ध में अमेरिका खुलकर यूक्रेन के साथ खड़ा रहा है और हर कुटनीतिक मंच पर रूस को चौतरफा घेरने की कोशिश की है। यही कारण है कि पुतिन और बाइडेन किसी अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक दूसरे का सामना करने से बचते रहे हैं। पुतिन का जी 20 के लिए नहीं आने का फैसला इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा रहा है।
            जी-20 शिखर सम्मेलन नौ और 10 सितंबर को नयी दिल्ली में प्रगति मैदान में नवनिर्मित भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा।उल्लेखनीय है कि पुतिन  दक्षिण अफ्रीका के शहर जोहान्सबर्ग में संपन्न हुए ब्रिक्स के 15वें शिखर-सम्मेलन में भी भाग लेने नहीं गए थे।  
                गौरतलब है कि इंटरनेशनल क्रिमनल कोर्ट (आईसीसी) ने पुतिन पर यूक्रेन में युद्ध अपराधों का आरोप लगाते हुए गिरफ्तारी वारंट जारी किया हुआ है। हालांकि, क्रेमलिन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। इसका मतलब ये है कि विदेश यात्रा करते समय व्लादिमीर पुतिन को गिरफ्तार किए जाने का जोखिम है। इसी वजह से रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बीते बुधवार को दक्षिण अफ्रीका में ब्रिक्स के नेताओं की एक सभा में व्यक्तिगत रूप से नहीं, बल्कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भाग लिया था। 
                 इस दौरान उन्होंने पश्चिमी देशों पर यूक्रेन में डोनबास क्षेत्र में रहने वाले लोगों के खिलाफ युद्ध छेड़ने का आरोप लगाते हुए कहा था कि रूस का विशेष सैन्य अभियान उस युद्ध को समाप्त करने के लक्ष्य को लेकर है। उन्होंने ये भी कहा कि दुनिया में अपना आधिपत्य बनाए रखने की कई पश्चिमी देशों की इच्छा के कारण यूक्रेन में गंभीर संकट पैदा हुआ। पुतिन ने कहा कि रूस ने उन लोगों का समर्थन करने का फैसला किया है जो अपनी संस्कृति, अपनी परंपराओं, अपनी भाषा और अपने भविष्य के लिए लड़ रहे हैं। 

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