न्यूज़ डेस्क
अक्सर पत्नियां अपने पति के साथ चुनावी प्रचार करती है और पति की जीत का कमलन करते हुए लोगों से वोटों की मांग करती है। कुछ ऐसा ही पति भी उम्मीदवार पत्नी के लिए करते नजर आते हैं। लेकिन यूपी के इटावा में कुछ अलग तरह का खेल ही दीखता नजर आ रहा है।
यहाँ से बीजेपी के उम्मीदवार राम शंकर कठेरिया हैं। राम शंकर कठेरिया को लग रहा था कि इस बार वे किला फतह कर लेंगे लेकिन यह उनकी भूल थी। उनकी पत्नी ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतर गई और अपने पति को ही चुनौती देती नजर आ रही है।
हालत ये हैं कि उत्तर प्रदेश की इटावा सीट से बीजेपी उम्मीदवार और मौजूदा सांसद राम शंकर कठेरिया असहज स्थिति में आ गए हैं। राम शंकर कठेरिया ने बुधवार को इटावा लोकसभा सीट से अपना नामांकन दाखिल किया। इसके बाद अप्रत्याशित घटनाक्रम में उनकी पत्नी मृदुला कठेरिया ने भी इसी सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन पत्र दाखिल कर दिया।
गौरतलब है कि मृदुला कठेरिया ने 2019 में भी अपने पति के खिलाफ नामांकन दाखिल किया था, लेकिन बाद में उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया था।
नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मृदुला कठेरिया ने कहा, ”देश में लोकतंत्र है। यहां हर कोई स्वतंत्र है, यहां कोई भी चुनाव लड़ सकता है। मैं अपने पति के खिलाफ खड़ी हूं और वह मेरे खिलाफ खड़े हैं। यह एक चुनाव है और हर कोई यहां चुनाव लड़ने के लिए स्वतंत्र है।”
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह इस बार भी अपना नामांकन वापस ले लेंगी, तो उन्होंने जवाब दिया कि उन्होंने मैदान से हटने के लिए अपना पर्चा दाखिल नहीं किया है। यहां बता दें कि राम शंकर कठेरिया तीसरी बार बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर इटावा लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। वह मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं।

