न्यूज़ डेस्क
अमेरिका के स्टेट विजिट पर गए पीएम मोदी का शानदार स्वागत किया जा रहा है। उनके स्वागत में वहां आज रात्रि भोज का भी आयोजन किया गया है। इसके बाद पीएम मोदी का संयुक्त सत्र में भाषण होना तय है। खबर के मुताबिक अमेरिका और भारत के बीच बड़े स्तर पर सैन्य खरीद और विक्री की डील भी होनी है। इसको लेकर अमेरिका के कारोबारी भी काफी उत्साहित हैं। लेकिन सबसे बड़ी बात है कि अमेरिका के कई सांसद राष्ट्रपति बाइडेन को पत्र के जरिए कहा है कि वे पीएम मोदी से भारत में घाट रही कई घटनाओं के बारे में जानकारी लें। अधिकतर सांसदों का कहना है कि भारत में प्रेस की आजादी और अल्पसंख्यकों को लेकर बीजेपी की मानसिकता ठीक नहीं है। अमेरिका की दो सांसदों ने भारत में अल्पसंख्यकों के शोषण का आरोप लगाते हुए पीएम मोदी के संसद में दिए जाने वाले संबोधन का बहिष्कार करने का एलान किया है।
लेकिन अब भारत के राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष और मुस्लिम नेता आतिफ रशीद ने पीएम मोदी के संबोधन का बहिष्कार करने वाली सांसदों को करारा जवाब दिया है।राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष आतिफ रशीद ने अक्सर भारत के खिलाफ जहर उगलने वाली अमेरिकी सांसद इल्हान उमर के ट्वीट पर जवाब देते हुए लिखा कि ‘मैं भारत के अल्पसंख्यक वर्ग से आता हूं लेकिन मैं नरेंद्र मोदी के भारत में पूरी धार्मिक आजादी और धार्मिक पहचान के साथ आजादी से रहता हूं। मेरे पास भी सभी संसाधनों के समान अधिकार हैं, मैं जो बोलना चाहता हूं, वो बोल सकता हूं और जो लिखना चाहता हूं लिख सकता हूं। आप अपने नफरती एजेंडे के तहत भारत की गलत तस्वीर दिखा रही हैं। अपने मुंह से जहर उगलना बंद करिए।’
इल्हान उमर ने ट्वीट करते हुए लिखा था कि ‘प्रधानमंत्री मोदी की सरकार में धार्मिक अल्पसंख्यकों को दबाया जाता है। हिंसक हिंदू राष्ट्रवादी समूहों का हौसला बढ़ाया जाता है और पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जाता है। मैं मोदी के भाषण में शामिल नहीं होऊंगी।’
अमेरिका की एक और सांसद रशिदा तलैब ने भी पीएम मोदी के भाषण का बहिष्कार करने का एलान किया है। रशिदा ने लिखा कि ‘यह बेहद शर्मनाक है कि मोदी को हमारी राष्ट्रीय राजधानी में मंच दिया जा रहा है जबकि उनका मानवाधिकारों के उत्पीड़न का लंबा इतिहास है। मुस्लिमों और धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाना और मीडिया को सेंसर करना अस्वीकार्य है। मैं मोदी के संयुक्त सत्र के संबोधन का बहिष्कार करूंगी।’

