पुंछः जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद आतंकवादी घटनाओं में कमी आई है, लेकिन हाल के दिनों में गैर-कश्मीरियों पर टारगेट अटैक भी बढ़े हैं। इसके पीछे सेना की लगातार कार्रवाई और आतंकवादियों को हथियारों की पड़ती कमी को छोटी घटनाओं की ओर रुख करने की वजह माना जा रहा है। भारतीय सेना की उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में इस समय 300 सक्रिय आतंकवादी हैं जिनमें से ज्यादातर आतंकी हथियारों की कमी से जूझ रहे हैं।
उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ उपेंद्र द्विवेदी ने बताया कि सेना के पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार राजौरी और पुंछ क्षेत्र के साथ साथ पूरे जम्मू-कश्मीर में 300 आतंकवादी सक्रिय हैं, इसमें 82 विदेशी और 53 स्थानीय आतंकी शामिल हैं। चिंताजनक बात यह है कि सेना के साथ सूचीबद्ध लगभग 170 आतंकवादी अज्ञात हैं, जिन्हें आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने का काम सौंपा गया है।
सेना अधिकारी ने कहा, ‘जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकवादी हथियारों की कमी का सामना कर रहे हैं जिसमें पड़ोसी देश पिस्टल, ग्रेनेड और ड्रग्स की खेप भेजने का काम कर रहा है। छोटे हथियारों का इस्तेमाल गैर जम्मू-कश्मीर निवासियों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है जो यहां अपनी रोजी रोटी कमाने के लिए आते हैं। स्थानीय लोग इस तरह के कृत्यों की निंदा करते हैं। बेगुनाहों की हत्या में शामिल आतंकियों को कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।’
भारत और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा पर जारी संघर्ष विराम पर सैन्य अधिकारी ने कहा कि, भारतीय सेना हमेशा यह सुनिश्चित करेगी कि दोनों देशों के बीच युद्धविराम की समझ कभी न टूटे क्योंकि यह दोनों देशों के हित में है। लेकिन अगर यह किसी भी समय टूटा तो हम ईंट का जवाब पत्थर से देंगे।

