न्यूज़ डेस्क
आदिवासी युवक पर पेशाब करने की घटना लगातार बढ़ती ही जा रही है। पहले मध्यप्रदेश में इस तरह की घटना हुई थी लेकिन अब जो मामला आंध्र प्रदेश से आया है वह चौंकाने वाला है। आजाद भारत के 75 साल में इस तरह की घटना भारत के लिए किसी कलंक से कम नहीं।
करीब एक महीने पहले प्रकाशम जिले के ओंगोल शहर में हुई घटना का चौंकाने वाला वीडियो बुधवार को सामने आया। यह घटना आरोपी और पीड़ित के बीच प्रतिद्वंद्विता का नतीजा थी। आरोपी और पीड़ित दोनों ही आपराधिक पृष्ठभूमि वाले हैं। मध्य प्रदेश में एक व्यक्ति द्वारा एक आदिवासी मजदूर पर पेशाब करने की घटना के ठीक बाद ओंगोल की घटना ने लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है और आदिवासी समूहों ने कार्रवाई की मांग की है।
करीब एक महीना पहले नौ युवकों के एक समूह ने नवीन नामक व्यक्ति पर हमला कर दिया और उसके साथ मारपीट की। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में, नवीन खून से लथपथ है और वह हमलावरों से छोड़ देने की गुहार लगा रहा है। कुछ आरोपियों ने नवीन के चेहरे पर पेशाब कर दिया और उसे पीने के लिए कहा।
ओंगोल पुलिस ने कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया है। मुख्य आरोपी फरार है। इस मामले का मुख्य आरोपी रामानंजेयुलु उर्फ अंजी है जो नवीन का बचपन का दोस्त बताया जा रहा है। दोनों चोरी के 50 से अधिक मामलों में शामिल हैं। नवीन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था और कुछ मामलों में जेल भेज दिया था, जबकि अंजी किसी तरह पुलिस के जाल से भागने में सफल रहा था। हाल ही में उनके बीच मतभेद हो गया।
करीब एक महीने पहले अंजी ने नवीन को केआईएमएस मेडिकल कॉलेज के पीछे बुलाया। जब नवीन वहां पहुंचा तो अंजी आठ अन्य लोगों के साथ मौजूद था। उनके बीच तीखी बहस हुई। नशे में धुत हमलावरों ने नवीन की बेरहमी से पिटाई की। जब वह खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर गया तो तीन अपराधियों ने उसके चेहरे पर पेशाब कर दिया। उन्होंने अपने कृत्य को मोबाइल फोन पर कैद किया। वे वीडियो में पीड़ित से पेशाब पीने के लिए कहते सुने जा सकते हैं।
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया, लेकिन कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। एक आरोपी द्वारा सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड करने और इससे आक्रोश फैलने के बाद पुलिस हरकत में आई और गिरफ्तारियां हुई।

