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जिस तरह से इमरान खान पर सेना का शिकंजा कसता जा रहा है उससे साफ लगता है कि पकिस्तनी सुप्रीम कोर्ट से तात्कालिक राहत मिलने के बाद भी इमरान की मुश्किलें बढ़ सकती है। इमरान के खिलाफ भी जनता सड़कों पर उत्तरी हुई है और उन्हें फांसी देने की मांग कर रही है। ऐसे में लगता है कि इमरान का हाल भी कही पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो वाला न हो जाए।
बता दें कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो पर मोहम्मद अहमद खान कसूरी कीहत्या का आरोप लगाया गया था। ऐसे में तत्कालीन सेना प्रमुख जिया उल-हक ने जुल्फिकार की सेना का तख्तापलट करते हुए देश में मार्शल लॉ लागू करते हुए जुल्फिकार को जेल में डाल दिया था। इसके बाद लाहौर हाईकोर्ट ने उन्हें फांसी की सज़ा सुनाई और सुप्रीम कोर्ट ने भी उन्हें राहत नहीं दी। इसके बाद जुल्फिकार को 4 अप्रैल, 1979 के दिन फांसी की दी गई थी।
पाकिस्तान के जो हालत है उसमे इमरान की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। पाक सेना लगातार शिकंजा कस्ते जा रही है और कहा जा रहा है कि आने वाले समय में इमरान पर मार्शल कोर्ट भी चलाया जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार इमरान के समर्थकों ने करीब 25 करोड़ की संपत्ति नष्ट कर दी। साथ ही कई पुलिस स्टेशनों पर फायरिंग भी की।
इमरान समर्थकों की इन हरकतों से सेना के प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने चेतावनी दी थी कि इन हमलों को अंजाम देने वालों पर सेना की तरफ से ऐसी कार्रवाई की जाएगी कि उनकी नस्लें याद रखेंगी। साथ ही मुनीर ने यह भी कहा कि सेना की तरफ से इन हमलों के योजनाकारों, उकसाने वालों, भड़काने वालों और इस बर्बरता को अंजाम देने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा। ऐसे में यह संभव है कि जल्द ही सेना की तरफ से इमरान और उनके समर्थकों पर कार्रवाई की जा सकती है।
पाकिस्तान में सेना को सबसे शक्तिशाली माना जाता है। सुप्रीम कोर्ट से इमरान को राहत मिलने के बाद सेना इमरान के खिलाफ मिलिट्री कोर्ट में कार्रवाई कर सकती है। इस कार्रवाई में इमरान पर सेना के मिलिट्री एक्ट की धारा 59 और 60 के तहत मुकदमा चलाया जा सकता है और दोषी पाए जाने पर उन्हें उम्रकैद या मौत की सज़ा तक हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट पर इमरान को बचाने के आरोप लग रहे हैं। ऐसे में इमरान के मामले के जल्द ही मिलिट्री कोर्ट में जाने की संभावना है।
बता दें कि प्रधानमंत्री की कुर्सी छिनने के बाद से ही इमरान ने देश के नए प्रधानमंत्री शाहबाज़ शरीफ और सेना के खिलाफ बयानबाजी शुरू कर दी। इससे सेना भी पूरी तरह उनके खिलाफ हो गई। पाकिस्तान में सेना से खिलाफत करना किसी के लिए सही नहीं रहा। कुछ दिन पहले जिस तरफ इमरान को गिरफ्तार करके ले जाया गया था, वो मंज़र दुनियाभर में लोगों ने देखा। हालांकि इसके बाद उन्हें सुप्रीम कोर्ट में पेश किया गया जहाँ उनकी गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए उन्हें रिहा कर दिया गया। तोशखाना मामले में इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाते हुए और अल कादिर ट्रस्ट मामले में 2 हफ्ते की अग्रिम जमानत देते हुए उन्हें राहत दी। पर सेना की तरफ से इमरान को अभी तक राहत नहीं मिली है।

