नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो(सीबीआई)ने वीडियोकॉन समूह के संस्थापक और चेयरमैन वेणुगोपाल धूत को गिरयफ्तार कर लिया। आईसीआईसीआई बैंक वीडियोकॉन कर्ज धोखाधड़ी में यह तीसरी गिरफ्तारी है। इससे पहले सीबीआई ने बैंक की पूर्व प्रबंध निदेशक(एमडी)व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ)चंदा कोचर और उनके पति दीपक कोचर को गिरफ्तार किया था। ईडी ने धूत कोचर और दीपक के खिलाफ फरवरी 2019 में मामला दर्ज किया था। तीनों पर साजिश रचने, रिश्वत लेने,धोखाधड़ी,आपराधिक गतिविधियों समेत कई आरोप लगाये गये हैं।
71 वर्षीय धूत को सोमवार को मुंबई में संक्षिप्त पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई चंदा व दीपक कोचर को रिमांड सुनवाई के लिए विशेष अदालत के समक्ष पेश किए जाने से कुछ घंटो पहले हुई। उनकी तीन दिन की हिरासत सोमवार को खत्म हो रही थी। सीबीआई इन तीनों के साथ कुछ अन्य संदिग्धों के खिलाफ जल्द ही आरोपपत्र दाखिल कर सकती है। चंदा पर मार्च 2018 में पति को आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिए पद के दुरुपयोग का आरोप लगा था। कहा जाता है कि धूत ने दीपक व उनके दो संबंधियों के साथ एक कंपनी बनाई। दोनों में 3250 करोड़ के कर्ज की डील हुई थी। आरोप है कि कर्ज दिलाने में चंदा ने मदद की थी। इस खुलाके बाद चंदा को सीईओ का पद छोड़ना पड़ा था।
कर्ज के बदले दीपक को मिले थे 64 करोड़ रुपए
एफआईआर के अनुसार आईसीआईसीआई बैंक से मिले 3250 करोड़ रुपए कर्ज के बदले धूत ने सुप्रीम एनर्जी प्रा.लि.(एसईपीएल) के जरिए नूपावर रिन्यूएवल्स नाम क कंपनी को 64 करोड़ रुपए हस्तांतरित किए। यह कंपनी दीपक की थी। इसके अलावा 2010 से 2012 के बीच हेरफेर करके पिनेकल एनर्जी ट्रस्ट को एसईपीएल स्थानांतरित की। पिनेकल एनर्जी ट्रस्ट तथा एनआरएल का प्रबंधन दीपक के ही पास था।
धूत ने की सरकारी गवाह बनने की पेशकश
जानकारी के मुताबिक धूत ने सरकारी गवाह बनने की पेशकश की है। इसके जएि वह हिरासत में पूछताछ के दौरान नरमी की मांग कर सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि आरोपपत्र दाखिल होने और आरोप तय होने के बाद ही जांच एजेंसी अदालत को बता सकती हैं कि आरोपी ने सरकारी गवाह बनने की इच्छा जताई है। कोर्ट जब आश्वस्त हो जाती है कि आरोपी मामले में उपयोगी हो सकता है, तो वह अनुमति दे देती है।
28 तारीख कतक मिला सीबीआई रिमांड
मुंबई की विशेष सीबीआई कोर्ट ने सोमवार को चंदा कोचर उनके पति दीपक कोचर और वेणुगोपाल धूत को 28 दिसंबर तक सीबीआई रिमांड पर भेज दिया है। तीनों को विशेष कोर्ट जज एएस सैयद के समक्ष पेश किया गया था।
