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कोडिंग सीखने में एआई से कैसे लें मदद? इन तरीकों को आजमा लिया तो बन जाएगी लाइफ

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नई दिल्ली में चल रही इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 ने कोडिंग सीखने के क्षेत्र में AI की ताकत को खुलकर दिखाया। 16 फरवरी से शुरू हुए इस पांच दिवसीय समिट में कई ऐसे AI टूल्स और प्लेटफॉर्म्स शोकेस किए गए, जो कोडिंग सीखने को आसान, मजेदार और तेज बना रहे हैं। भारत मंडपम में आयोजित इस इवेंट में सरकार, कंपनियां और स्टार्टअप्स ने बताया कि AI अब सिर्फ प्रोग्रामर्स के लिए नहीं, बल्कि शुरुआती लोगों, छात्रों और नॉन-कोडर्स के लिए भी कोडिंग की दुनिया खोल रहा है।

OpenAI का Codex सबसे ज्यादा चर्चा में रहा।OpenAI के बूथ पर Codex को हाइलाइट किया गया, जो AI से कोडिंग को पूरी तरह बदल देता है। यह टूल नैचुरल लैंग्वेज में कमांड देने पर पूरा कोड जेनरेट करता है – जैसे ‘एक वेबसाइट बनाओ जहां यूजर लॉगिन कर सके’ कहने पर HTML, CSS और JavaScript का पूरा कोड तैयार हो जाता है।शुरुआती लोग बिना सिंटैक्स याद किए ऐप बना सकते हैं।डेमो में दिखाया गया कि यह एरर फिक्सिंग, कोड ऑप्टिमाइजेशन और डिबगिंग भी करता है। इससे कोडिंग सीखने वाले छात्रों की स्पीड 10 गुना बढ़ सकती है और प्रोफेशनल डेवलपर्स भी समय बचाते हैं।

Tech Mahindra का AI Tutor for Physics and Coding शिक्षा क्षेत्र में बड़ा शोकेस रहा। Tech Mahindra ने एजुकेशन-फोकस्ड AI ट्यूटर दिखाया, जो क्लास 6 से 12 तक फिजिक्स पढ़ाता है, लेकिन इसमें कोडिंग इंटीग्रेशन है। यह मल्टीलिंगुअल है। यानी हिंदी, तमिल, बंगाली आदि में चीजें समझाता है।छात्र प्रॉब्लम डिस्क्राइब करें तो AI स्टेप-बाय-स्टेप कोड सॉल्यूशन देता है। डेमो में दिखाया गया कि एक प्रोग्राम बनाओ, जो ग्रैविटी कैलकुलेट करे कहने पर पाइथन कोड मिल जाता है।साथ में एक्सप्लेनेशन भी दिया जाता है।यह टूल पर्सनलाइज्ड लर्निंग देता है। अगर छात्र गलती करता है तो AI गाइड करता है।

Soket AI का Eka Language Stack भारतीय भाषाओं में कोडिंग के लिए क्रांतिकारी टूल है। यह 45+ भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करता है। समिट में दिखाया गया कि हिंदी में एक ऐप बनाओ, जो मौसम बताए कहने पर AI पूरा कोड जेनरेट करता है।यह सिर्फ ट्रांसलेट नहीं करता, बल्कि इंडियन लैंग्वेज में रीजनिंग और कोडिंग करता है।इससे नॉन-इंग्लिश स्पीकर्स भी कोडिंग सीख सकते हैं। Soket AI ने बताया कि यह भारत AI प्रोग्राम के तहत डेवलप हो रहा है और जल्द लॉन्च होगा।

TCS का AI Hackathon और No-Code Tools भी काफी चर्चा में रहा।इनमें वॉइस-फर्स्ट, मल्टीलिंगुअल टूल्स हैं, जो ऑडियो सुनकर ही कोड जेनरेट कर देता है।इसके लिए किसी भी तरह की कोडिंग नॉलेज की जरूरत नहीं होती है और AI स्टेप-बाय-स्टेप गाइड करता है। ये टूल्स नो कोड प्लेटफॉर्म्स हैं, जो AI से प्रॉब्लम सॉल्विंग सिखाते हैं।इससे कोडिंग सीखना आसान हो जाता है।

Jio Shiksha और AI Shiksha Platforms भी AI से पर्सनलाइज्ड लर्निंग देता है।इसमें कोडिंग मॉड्यूल्स हैं, जिसमें AI ट्यूटर स्टूडेंट की स्पीड के हिसाब से कोर्स एडजस्ट करता है। डेमो में दिखाया गया कि बच्चे प्रोग्रामिंग कॉन्सेप्ट्स सीखते हैं और प्रैक्टिस करते हैं। यह मल्टीलिंगुअल है और फ्री एक्सेस पर फोकस करता है।

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