अखिलेश अखिल
दिल्ली से मुंबई और फिर पुणे तक एक ही खबर चल रही है कि शरद पवार गुट के नेता और महाराष्ट्र के एनसीपी अध्यक्ष जयंत पाटिल रविवार को पुणे में गृह मंत्री अमित शाह से मिले। मुलाकात हुई या नहीं यह तो अलग बात है क्यों जयंत पाटिल ने मुलाकात की बात को साफ़ नकार दिया है और कहा है कि कौन कहता है कि हमारी अमित शाह से मुलाकात हुई है ? जिस समय मुलाकात की बात कही जा रही है उस समय तो हम शरद पवार के साथ थे।
लेकिन खबर केवल मुलाकात की ही नथी। खबर यह भी तैर रही है कि जयंत पाटिल भी अजित पवार के साथ जा रहे हैं और इस तरह से शरद पवार को दूसरा बड़ा झटका है। सामने आ रही है कि जयंत पाटिल को मंत्रिमंडल विस्तार में भी जगह दी जा सकती है और फिर शिंदे गुट से बीजेपी नाता तोड़ सकती है। खबर ये भी आ रही है कि शरद पवार के बचे विधायकों में से अधिकतर अब जयंत के साथ अजित पवार के साथ मिलेंगे और शरद पवार अकेले रह जायेंगे। खबर यह भी है कि शरद पवार भी बाद में अजित के साथ हो लेंगे या फिर वे अपने कुछ लोगों के साथ कांग्रेस में चले जायेंगे। महाराष्ट्र की राजनीति पर नजर रखने वाले भी दंग हैं। उनकी समझ में भी कुछ नहीं आ रहा है। शरद पवार के खेल को लोग पकड़ नहीं रहे हैं।
दरअसल , सीआरसीएस कार्यालय के डिजिटल पोर्टल के लॉन्च पर रविवार को पुणे में आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह शामिल हुए। इस दौरान केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि बहुराज्य सहकारी समितियों की देखभाल करने वाला केंद्रीय रजिस्ट्रार ऑफिस का सिस्टम सीआरसीएस का कार्यक्रम आज से पूरी तरह से डिजिटल हो रहा है। अब किसी भी बहुराज्य सहकारी समिती को अपनी ब्रांच बढ़ानी हो या फिर दूसरे राज्य में जाना हो तो कहीं जाने की जरूरत नहीं होगी। उधर, पुणे में अजित पवार के साथ मंच साझा करने पर अमित शाह ने कहा कि अजित दादा (पवार) डिप्टी सीएम बनने के बाद पहली बार आए हैं। मैं उनके साथ मंच साझा कर रहा हूं। अमित शाह ने अजित पवार से कहा कि बहुत समय बाद आप सही जगह पर बैठे हैं। यह सही जगह थी, लेकिन आपने आने में बहुत देर कर दी। यहाँ तक तो सब कुछ ठीक था। लेकिन जैसे ही इस बात की जानकारी सबको मिली कि शाह के साथ पाटिल की मुलाकात भी हुई ,महाराष्ट्र की राजनीति गर्म हो गई। फिर कई तरह की ख़बरें आने लगी। सूत्रों का कहना है कि अजित पवार ने आज सुबह जयंत पाटिल की अमित शाह से फोन पर बात कराई थी। इसके बाद शाह ने उन्हें मिलने के लिए बुलाया। हालांकि इन दिनों चर्चा ये भी है कि महाराष्ट्र सरकार की कैबिनेट का विस्तार हो सकता है। हालांकि अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन माना जा रहा है कि 15 अगस्त के बाद ये विस्तार होगा।
जयंत पाटिल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की खबरों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा हि कि यह आपको किसने बताया कि मैं अमित शाह से मिला? आपको उन लोगों से पूछना चाहिए जो यह सब कह रहे हैं। कल शाम मैं शरद पवार के आवास पर था… मैं किसी से नहीं मिला हूं…।
कहानी जो भी हो लेकिन एक बात तो साफ़ है कि एनसीपी का खेल अभी और आगे तक चलेगा। कौन किधर जाता है अब इसका कोई मतलब नहीं रह गया है। असली बात तो यह है कि शरद पवार आगे क्या कुछ करते हैं ? राजनीति शरद पवार पर टिकी है। वह चाहे इंडिया की राजनीति हो या फिर एनडीए की ही क्यों न हो। याद रहे बीजेपी भी अभी शरद पवार के दाव को समझ नहीं रही है। वह भी सतर्क है।

