Homeदेशक्या निष्पक्ष चुनाव होते तो इस बार बीजेपी को 240 की जगह...

क्या निष्पक्ष चुनाव होते तो इस बार बीजेपी को 240 की जगह केवल 40 सीट ही मिलती ?

Published on

न्यूज़ डेस्क
उद्धव शिवसेना के नेता आदित्य ठाकरे ने दावा किया है कि हालिया लोकसभा चुनाव अगर निष्पक्ष और स्वतंत्र तरीके से होते तो बीजेपी को चालीस से ज्यादा सीटें नहीं मिलती।

उन्होंने मुंबई उत्तर पश्चिम लोकसभा सीट के परिणाम को भी “धोखाधड़ी” करार दिया, जहां शिवसेना (यूबीटी) के उम्मीदवार अमोल कीर्तिकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना के रवींद्र वायकर से 48 मतों से हार गए।आदित्य ठाकरे ने दावा किया, “सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करके हमारी जीत छीन ली गयी।

ठाकरे ने कहा कि उनकी पार्टी मुंबई उत्तर पश्चिम सीट के चुनाव परिणाम को चुनौती देने वाली याचिका के साथ अदालत का रुख करेगी। उन्होंने दावा किया, “अगर चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से होते तो बीजेपी 240 नहीं बल्कि केवल 40 सीटें जीतती।”

उल्लेखनीय है कि मुंबई में वनराई पुलिस ने वायकर के रिश्तेदार के खिलाफ गोरेगांव (जो वायकर के निर्वाचन क्षेत्र का हिस्सा है) में एक मतगणना केंद्र पर 4 जून को आम चुनावों के परिणाम घोषित होने के दिन मोबाइल फोन का कथित रूप से इस्तेमाल करने का मामला दर्ज किया है।

शिवसेना (यूबीटी) नेता और राज्य के पूर्व मंत्री अनिल परब ने कहा, “हमें संदेह है कि मोबाइल फोन (जांच के दौरान जब्त किया गया) बदल दिया गया होगा।”

उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग को उपलब्ध जानकारी के आधार पर स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्रवाई करनी चाहिए और कीर्तिकर को विजेता घोषित करना चाहिए।उन्होंने कहा, “घोषित चुनाव परिणाम संदिग्ध हैं। हम कानूनी रास्ता अपना रहे हैं। हम एक या दो दिन में अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।”

परब ने कहा कि मुंबई उत्तर पश्चिम सीट के लिए मतगणना प्रक्रिया 19वें राउंड तक ठीक थी, लेकिन उसके बाद कोई पारदर्शिता नहीं रही। उन्होंने कहा, “19वें राउंड तक हमारे मत विपक्षी उम्मीदवार से 650 अधिक थे।”

परब ने यह भी दावा किया कि कई स्थानों पर उम्मीदवारों को फॉर्म 17सी और 17सी 2 (मतदान की संख्या से संबंधित) नहीं दिए गए।उन्होंने दावा किया, “मुंबई उत्तर पश्चिम लोकसभा सीट की निर्वाचन अधिकारी को लगातार किए गए फोन कॉल की भी जांच होनी चाहिए। वह फोन पर बात करने के लिए कई बार अपनी सीट से हट जाती थीं।”

Latest articles

रैपर से नेता बने बालेन शाह की RSP नेपाल में भारी जीत की ओर

नेपाल के रैपर से नेता बने बालेंद्र शाह की मध्यमार्गी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP)...

JDU में शामिल होते ही नीतीश कुमार से मिले निशांत, पिता को खिलाई सोनपापड़ी

  बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला ह. लंबे समय तक बिहार...

UTS ऐप बंद होने पर फंसी यात्री,आपकी ट्रेन न छूटे इसलिए दूसरे ऐप पर हो जाएं शिफ्ट

1 मार्च से रेलवे की UTS ऐप बंद हो चुकी है, जिसके चलते मीनू...

क्या 150 साल तक जिंदा रह सकता है इंसान? इस रिसर्च के बाद शुरू हुई बहस

मानव जीवन को लंबा करने का विचार लंबे समय से साइंटिस्ट को आकर्षित करता...

More like this

रैपर से नेता बने बालेन शाह की RSP नेपाल में भारी जीत की ओर

नेपाल के रैपर से नेता बने बालेंद्र शाह की मध्यमार्गी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP)...

JDU में शामिल होते ही नीतीश कुमार से मिले निशांत, पिता को खिलाई सोनपापड़ी

  बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला ह. लंबे समय तक बिहार...

UTS ऐप बंद होने पर फंसी यात्री,आपकी ट्रेन न छूटे इसलिए दूसरे ऐप पर हो जाएं शिफ्ट

1 मार्च से रेलवे की UTS ऐप बंद हो चुकी है, जिसके चलते मीनू...