सरकार की अग्निवीरों को साधने की कोशिश, BSF के बाद CISF में भी मिलेगा 10 फीसदी आरक्षण

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न्यूज़ डेस्क 
अभी देश के भीतर अग्निवीरो की नियुक्ति को लेकर ही बहस जारी है और चार साल की नौकरी को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। लेकिन देश के भीतर बेरोजगारी की हालत को देखते हुए युवाओं में अग्निवीर बनने की भी होड़ लगी है। इधर केंद्र सरकार अग्निवीरो का चुनाव में कैसे लाभ उठाये उस पर मंथन भी कर रही है। सरकार को लग रहा है कि अगर अग्निवीर उनके साथ खड़े रहे तो बीजेपी की नैया पार हो सकती है। यही वजह है कि सरकार इसको लेकर कई प्लान ला रही है। अब केंद्र सरकार ने फैसला किया है कि पूर्व अग्निवीरो को सीआईएसएफ नियुक्तियों में दस फीसदी का आरक्षण लाभ दिया जाएगा। इससे पहले बीएसएफ की नियुक्तियों में भी आरक्षण की बात कही गई थी।

बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पूर्व अग्निवीरों के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल यानी सीआईएसएफ में रिक्तियों में 10 प्रतिशत आरक्षण की घोषणा की है, इसके एक हफ्ते पहले बीएसएफ में उनके लिए समान कोटा अधिसूचित किया गया था। मंत्रालय ने ऊपरी आयु सीमा में छूट को भी अधिसूचित किया है, जो इस बात पर निर्भर करता है कि वे अग्निवीरों के पहले बैच का हिस्सा हैं या बाद के बैचों का।

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल अधिनियम, 1968, (1968 का 50) के तहत बनाए गए नियमों में संशोधन के बाद एक अधिसूचना के माध्यम से यह घोषणा की गई। अधिसूचना में कहा गया है, “दस प्रतिशत रिक्तियां पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित होंगी।” मंत्रालय ने कहा कि पूर्व अग्निवीरों के पहले बैच के उम्मीदवारों के लिए ऊपरी आयु सीमा में पांच साल तक और अन्य बैचों के उम्मीदवारों के लिए तीन साल तक की छूट दी जाएगी। अधिसूचना में कहा गया है कि पूर्व-अग्निवीरों को शारीरिक दक्षता परीक्षा से भी छूट दी जाएगी।

बता दें कि केंद्र ने पिछले साल 14 जून को थल सेना, नौसेना और वायु सेना में साढ़े 17 से 21 वर्ष की आयु के युवाओं की भर्ती के लिए महत्वाकांक्षी अग्निपथ योजना की शुरुआत की थी। योजना के तहत भर्ती होने वालों को अग्निवीर के रूप में जाना जाता है। चार साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद प्रत्येक बैच से 25 प्रतिशत भर्तियों को नियमित सेवा की पेशकश की जाएगी। उस समय, गृह मंत्रालय ने घोषणा की थी कि केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और असम राइफल्स में 10 प्रतिशत रिक्तियां 75 प्रतिशत अग्निवीरों के लिए आरक्षित होंगी।

इसने यह भी घोषणा की थी कि पूर्व-अग्निवीरों के पहले बैच के लिए अधिकतम आयु सीमा में पांच साल तक और बाद के बैचों के लिए तीन साल तक की छूट दी गई थी। इसके अलावा, पूर्व-अग्निवीरों को शारीरिक दक्षता परीक्षा से छूट दी जाएगी।

अग्निपथ योजना के तहत 21 वर्ष की ऊपरी आयु सीमा में भी सशस्त्र बलों में शामिल होने वालों को सीआईएसएफ द्वारा सेना, वायु सेना या नौसेना में चार साल की सेवा के बाद 30 वर्ष की आयु तक भर्ती किया जा सकता है। पहला बैच और बाद के बैचों के लिए 28 साल तक। इसी तरह का बदलाव सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के मामले में भी किया गया था। अग्निवीरों को अर्धसैनिक बलों में शामिल करने का गृह मंत्रालय का निर्णय महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पूर्व अग्निवीरों को सेवानिवृत्ति की आयु तक रोजगार के अवसर प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

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