Homeदेशरूस यूक्रेन संकट से बंटे विश्व को साथ लाना चाहता है भारत,

रूस यूक्रेन संकट से बंटे विश्व को साथ लाना चाहता है भारत,

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बीरेंद्र कुमार झा

रूस यूक्रेन युद्ध के कारण पैदा हुए गहरे मतभेदों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी-20 सम्मेलन में पूरे विश्व को एक साथ जोड़ने की बात पर जोर दिया।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व के नेताओं से अपील की कि दुनिया भर में विश्वास में आई कमी को दूर करें ।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सभी देश एक दूसरे पर भरोसा करें और पुरानी चुनौतियों के नए समाधान खोजने की मिलजुलकर कोशिश करें ।मोदी ने भारत मंडपम में जी – 20 नेताओं के शिखर सम्मेलन की शुरुआत करते हुए अपने संबोधन में कहा कि यदि दुनिया कोविड 19 को हरा सकती है तो वह युद्ध के कारण आई विश्वास में कमी पर भी विजय प्राप्त कर सकती है।

यह समय वैश्विक कल्याण का

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी-20 नेताओं के ‘ एक पृथ्वी सत्र’ को संबोधित करते हुए कहा कि यह समय वैश्विक कल्याण के लिए हम सब के साथ मिलकर चलने का है।इस सत्र में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ,सऊदी अरब के युवराज मोहम्मद बिन सलमान, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और ब्राजील के राष्ट्रपति लुईज इनासिओ लूला डा सिल्वा समेत कई नेताओं ने भाग लिया।

मोदी ने यहां भारत मंडपम सम्मेलन केंद्र में सभा को संबोधित करते हुए कहा कि वैश्विक कोविड महामारी के बाद दुनिया ने विश्वास में आई कमी की नई चुनौती का सामना किया और दुर्भाग्य से युद्धों ने इसे और गहरा कर दिया। उन्होंने कहा की हमें याद रखना चाहिए यदि हम कोविड जैसी वैश्विक महामारी को हरा सकते हैं तो हम विश्वास में आई कमी की चुनौती से भी पार पा सकते हैं। आज भारत जी-20 के अध्यक्ष के रूप में पूरी दुनिया से विश्वास की कमी को एक दूसरे पर भरोसे में तब्दील करने की अपील करता है।

मानव केंद्रित दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ना होगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अब समय आ गया है जब पुरानी चुनौतियां हमसे नई समाधान चाहती है, और इसलिए हमें अपनी जिम्मेदारियां को पूरा करने के वास्ते मानव केंद्रित दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ना होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में यह लोगों का जी-20 बन गया है और 60 से अधिक शहरों में 200 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में उथल- पुथल से लेकर उत्तर- दक्षिण विभाजन तक, खाद्यान्न प्रबंधन से लेकर ईंधन और उर्वरक प्रबंधन तक, आतंकवाद से लेकर साइबर सुरक्षा तक, स्वास्थ्य से लेकर ऊर्जा और जल सुरक्षा तक सभी चुनौतियों के समाधान के लिए हमें मिलकर ठोस कदम उठाने होंगे।

ग्लोबल दक्षिण के दर्द को भी सुनना होगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत की जी – 20 की अध्यक्षता देश के भीतर और बाहर समावेशन और एक जुटता का प्रतीक बन गई है। उन्होंने कहा कि यह भारत में लोगों का जी-20 बन गया है। करोड़ों भारतीय इसमें शामिल हुए, देश के 60 से अधिक शहरों में 200 से अधिक बैठकें हुई जी – 20 के सदस्य देश वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 85%, वैश्विक व्यापार का 75% से अधिक और विश्व जनसंख्या का लगभग दो तिहाई प्रतिनिधित्व करते हैं। मोदी ने कई बार इस बात पर जोर दिया कि इस समूह को ग्लोबल साउथ की आवाज भी सुननी चाहिए।

 

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