Bihar News: बिहार में गन्ना उद्योग को नई रफ्तार देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। गन्ना उद्योग विभाग ने “गन्ना फसल क्षेत्र विस्तार योजना” शुरू कर दी है, जिसका मुख्य उद्देश्य उन इलाकों में गन्ना खेती को बढ़ाना है जहां चीनी मिलें नहीं हैं। इस पहल से न सिर्फ खेती का दायरा बढ़ेगा, बल्कि किसानों की आमदनी में भी बड़ा इजाफा होने की उम्मीद है।
468 एकड़ से ज्यादा में शुरू हुई गन्ने की खेती
इस योजना के तहत अब तक राज्य के अलग-अलग जिलों में 468.93 एकड़ भूमि पर गन्ना की खेती शुरू की जा चुकी है। इसमें भागलपुर, भोजपुर, दरभंगा, गया, जमुई, मुजफ्फरपुर, पटना, पूर्णिया, सहरसा और सीतामढ़ी जैसे जिले शामिल हैं।
Free Sugarcane Seed: किसानों को मिल रहा बड़ा फायदा
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि सरकार किसानों को निःशुल्क गन्ना बीज उपलब्ध करा रही है। जिन क्षेत्रों में चीनी मिलें नहीं हैं, वहां किसानों को 0.25 एकड़ से लेकर 5 एकड़ तक की खेती के लिए मुफ्त बीज दिया जा रहा है। विभागीय अधिकारी गांव-गांव जाकर किसानों को इस योजना से जोड़ रहे हैं।
25 नई चीनी मिलों की तैयारी, गुड़ उद्योग को भी बढ़ावा
राज्य सरकार एक तरफ बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से चालू करने की तैयारी कर रही है, वहीं दूसरी ओर 25 नए जिलों में नई चीनी मिलें स्थापित करने की योजना पर काम चल रहा है। जहां मिलें नहीं हैं, वहां “गुड़ उद्योग प्रोत्साहन योजना” के जरिए किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर दिए जा रहे हैं।
गन्ना खेती बनेगी किसानों के लिए ‘Profit Machine’
गन्ना एक ऐसी फसल है जिससे किसानों को लंबे समय तक फायदा मिलता है। एक बार बुवाई के बाद इसे तीन बार तक काटा जा सकता है। इसके अलावा गुड़ और गन्ने के जूस की बढ़ती मांग किसानों के लिए कमाई के नए रास्ते खोल रही है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी तेजी से बढ़ेंगे।
ईख आयुक्त ने क्या कहा
इस संबंध में अनिल कुमार झा ने बताया कि राज्य में गन्ना फसल क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम का मकसद किसानों को बड़े स्तर पर गन्ना खेती की ओर प्रेरित करना है। सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि किसानों को बेहतर संसाधन और सुविधाएं मिलें।

