पहले सिंधिया और अब देवड़ा ने राहुल का साथ छोड़ा ,पायलट का संघर्ष जारी

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अखिलेश अखिल

राहुल गाँधी आज भले ही मणिपुर से भारत जोड़ो न्याय यात्रा कर रहे हैं लेकिन उनके मन में टीस इस बात को होगी कि आखिर उनके खास साथी उन्हें छोड़ते क्यों जा रहे हैं ? एक तरफ वे सबको साथ लेकर चलने का ऐलान करते हैं लेकिन उन्ही के लोग उनका साथ देना नहीं चाहते। दो साल पहले उनके खास ने पार्टी को छोड़कर बीजेपी का हाथ पकड़ लिया था। तब मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार गिर गई थी।

आज महाराष्ट्र दक्षिण से राजनीति करने वाले राहुल गाँधी के युवा साथी मिलिंद देवड़ा भी कांग्रेस से निकल गए। देवड़ा ने शिंदे शिवसेना का दमन थामा है। देवड़ा ने आज कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया। उन्होंने भावुक पात्र भी पार्टी को लिखा। उन्होंने यह भी कहा कि उनके परिवार का कांग्रेस के साथ 55 साल का सम्बन्ध रहा है। और भी कई बातें उन्होंने कही है। लेकिन सच यही है कि मिलिंद अब शिवसेना के हो गए हैं। खस बात यही है कि मिलिंद ने कांग्रेस को छोड़ते हुए पार्टी पर कोई हमला नहीं किया। राहुल पर तो कुछ कहा ही नहीं।

मणिपुर से यात्रा करते हुए जब 66 दिनों के बाद राहुल गाँधी मुंबई पहुंचेंगे तो उन्हें मिलिंद की याद जरूर आएगी। मिलिंद उनके ख़ास युवा साथियों में रहे हैं। सचिन पायलट भी राहुल के खास युवा साथी हैं। यह बात और है कि सचिन आज भी कांग्रसी है और पार्टी को आगे बढ़ाने की अहम् जिम्मेदारी वहां कर रहे हैं। आगे क्या होगा यह तो कोई नहीं जानता लेकिन जानकार भी कह रहे हैं कि राजनीति में अगर खुद का कोई स्थान नहीं तो फिर राजनीति का क्या मतलब ?

मिलिंद को चुनाव लड़ना है। मुंबई की दक्षिण सीट से उनके परिवार की राजनीति चलती रही है। पहले उनके पिता मुरली देवड़ा दक्षिण मुंबई की राजनीति करते थे। वे कांग्रेस के बड़े नेताओं में शुमार रहे। बाद में मिलिंद भी दो बार दक्षिण मुंबई से सांसद बने। केंद्रीय मंत्री भी बने लेकिन आज जब वह सीट गठबंधन के तहत उद्धव शिवसेना में जाती दिखी तो मिलिंद राहुल का सत्ता छोड़ चले गए। इस्तीफे के थोड़ी देर बाद ही वे शिवसेना में शामिल हो गए। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी का दामन थामा। आगामी लोकसभा चुनाव में देवड़ा के शिवसेना के टिकट पर दक्षिण मुंबई सीट से चुनाव लड़ने की भी चर्चाएं हैं।

इससे पहले सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर मिलिंद देवड़ा ने लिखा कि ‘आज वह अपनी राजनीतिक यात्रा के अहम अध्याय का अंत कर रहे हैं। मैंने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है, साथ ही कांग्रेस पार्टी से अपने परिवार के 55 साल पुराने रिश्ते का भी अंत कर रहा हूं। मैं सभी नेताओं, सहयोगियों और पार्टी कार्यकर्ताओं का उनके इतने सालों के समर्थन के लिए शुक्रगुजार हूं।’

गौरतलब है कि मिलिंद देवड़ा के कांग्रेस छोड़ने की अटकलें बीते कई दिनों से चल रहीं थी। हालांकि उन्होंने इसे अफवाह बताकर कांग्रेस छोड़ने की बात से इनकार किया था। मिलिंद देवड़ा ने ये बात स्वीकार की थी कि वह अपने समर्थकों से चर्चा कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने अभी तक कोई फैसला नहीं किया है। मिलिंद देवड़ा मुंबई की दक्षिण मुंबई लोकसभा सीट से चुनाव लड़ते रहे हैं, लेकिन इस बार गठबंधन के तहत शिवसेना (यूबीटी) दक्षिण मुंबई सीट पर अपनी दावेदारी कर रही है। ऐसे में देवड़ा को अपना टिकट कटने की आशंका थी।

दक्षिण मुंबई सीट पर देवड़ा परिवार का दबदबा रहा है। हालांकि पिछले दो आम चुनाव में शिवसेना के अरविंद सावंत इस सीट से जीत दर्ज कर रहे हैं। यही वजह है कि इस बार भी शिवसेना इस सीट पर अपना दावा जता सकती है और गठबंधन के चलते हो सकता है कि कांग्रेस को यह सीट छोड़नी पड़े। ऐसे में माना जा रहा है कि इसी के चलते देवड़ा ने कांग्रेस छोड़ने का फैसला किया है।

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